Fake Medicine Case: रायपुर में नकली दवा रैकेट का भंडाफोड़, सप्लायर समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
Fake Medicine Case: Raipur पुलिस ने नकली दवाओं के बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रदेश में चल रहे अवैध दवा कारोबार पर बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तार आरोपियों में इंदौर से दवाओं की सप्लाई करने वाला व्यक्ति और दो मेडिकल स्टोर संचालक शामिल हैं।

इंदौर से हो रही थी नकली दवाओं की सप्लाई
जांच में सामने आया कि नकली दवाएं Indore से मंगाई जा रही थीं और इन्हें Sarangarh व Bhatapara के मेडिकल स्टोर्स के जरिए बाजार में बेचा जा रहा था। पुलिस ने इंदौर निवासी सप्लायर रोचक अग्रवाल, सारंगढ़ के मेडिकल स्टोर संचालक खेमराम बानी और भाठापारा के संचालक सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है।
ट्रांसपोर्ट से पकड़ी गई थी पहली खेप
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब Raipur के गोगांव स्थित एक ट्रांसपोर्ट में नकली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई। इसके बाद ड्रग विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की।
ड्रग विभाग की कार्रवाई और जांच
छापेमारी के दौरान कई मेडिकल स्टोर्स की जांच की गई, जहां संदिग्ध दवाएं मिलने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस बीच, सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। इसके बाद उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
आरोपियों को भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
तीनों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा
नकली दवाओं का यह रैकेट आम लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो।
निष्कर्ष
रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने नकली दवा कारोबार पर बड़ा प्रहार किया है। आने वाले समय में इस तरह के अवैध नेटवर्क पर और भी सख्ती की उम्मीद है।
