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Mall Parking Free: मॉल में अब नहीं देना होगा पार्किंग शुल्क, उपभोक्ता आयोग के फैसले से मिली राहत

Mall Parking Free: रायपुर के मॉल में पार्किंग शुल्क को लेकर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, रायपुर ने मॉल प्रबंधन द्वारा दोपहिया और चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूली को अवैध मानते हुए निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यह फैसला अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई के बाद आया।

Mall Parking Free


Mall Parking Case: कैसे शुरू हुआ मामला?

मामला जून 2025 का है। रिपोर्टों के अनुसार, अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला अपनी माता को अंबुजा मॉल छोड़ने पहुंचे थे। इस दौरान उनसे ₹30 पार्किंग शुल्क लिया गया। उनका तर्क था कि वे वाहन पार्क करने के बजाय केवल अपनी माता को छोड़ने के लिए मॉल पहुंचे थे।

इसके बाद उन्होंने पार्किंग शुल्क की वसूली को चुनौती देते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट समेत विभिन्न उपभोक्ता आयोगों के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए पार्किंग शुल्क को अनुचित और अवैध बताए जाने का तर्क रखा।

उपभोक्ता आयोग ने क्या फैसला सुनाया?

रायपुर जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अंबुजा सिटी सेंटर मॉल में आने वाले उपभोक्ताओं से पार्किंग शुल्क नहीं लेने और निशुल्क पार्किंग सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। रिपोर्टों के अनुसार, आयोग ने पार्किंग शुल्क की वसूली को उपभोक्ता के लिए सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार से जोड़ते हुए मॉल प्रबंधन के खिलाफ आदेश पारित किया।

दोपहिया और चारपहिया दोनों वाहनों पर लागू

फैसले में मॉल आने वाले उपभोक्ताओं के टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों वाहनों के लिए निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात सामने आई है। यानी मॉल में खरीदारी, भोजन या अन्य सेवाओं के लिए आने वाले ग्राहकों से पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर यह आदेश महत्वपूर्ण है।

पार्किंग शुल्क को लेकर क्या था विवाद?

शिकायतकर्ता की ओर से यह तर्क दिया गया कि मॉल जैसे व्यावसायिक परिसर में पार्किंग की सुविधा ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराई जाती है और इसके लिए अलग से शुल्क वसूला जाना उचित नहीं है। सुनवाई के दौरान विभिन्न न्यायिक फैसलों का भी हवाला दिया गया।

कुछ रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि शिकायतकर्ता ने मानसिक क्षति के लिए ₹50,000 मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में आदेश की क्षतिपूर्ति संबंधी शर्तों को लेकर अलग-अलग विवरण मिलते हैं, इसलिए इस हिस्से को मूल आदेश की प्रति से सत्यापित करना उचित होगा।

क्या अब छत्तीसगढ़ के सभी मॉल में पार्किंग फ्री होगी?

यहां एक महत्वपूर्ण कानूनी अंतर समझना जरूरी है। उपलब्ध अप्रैल 2026 की रिपोर्टें अंबुजा सिटी सेंटर मॉल, रायपुर के संबंध में जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश की पुष्टि करती हैं। इसलिए इसे सीधे तौर पर यह कहना कि छत्तीसगढ़ के हर मॉल में पार्किंग शुल्क लेना पूरी तरह गैरकानूनी हो गया है, मूल आदेश या राज्य उपभोक्ता आयोग के आधिकारिक अपीलीय आदेश को देखे बिना सावधानी से ही किया जाना चाहिए।

यदि राज्य उपभोक्ता आयोग ने बाद में इसी मामले में जिला आयोग के आदेश को बरकरार रखते हुए व्यापक कानूनी सिद्धांत तय किया है, तो उसका प्रभाव राज्य के अन्य समान मामलों पर महत्वपूर्ण हो सकता है। लेकिन इस दावे की पुष्टि के लिए संबंधित अपीलीय आदेश की आधिकारिक प्रति आवश्यक है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या है संदेश?

अंबुजा मॉल पार्किंग मामले ने व्यावसायिक परिसरों में पार्किंग शुल्क और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी सवाल सामने रखा है। उपभोक्ता यदि किसी सेवा के लिए अनुचित शुल्क वसूले जाने का दावा करता है, तो वह उपलब्ध रसीद, भुगतान का रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों के आधार पर उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर सकता है।

Mall Parking Free: क्या है मुख्य बात?

  • मॉल में पार्किंग शुल्क को लेकर उपभोक्ता विवाद सामने आया।
  • जिला उपभोक्ता आयोग ने पार्किंग शुल्क वसूली को अवैध माना।
  • दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए निशुल्क पार्किंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
  • मामला अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला की शिकायत से जुड़ा है।
  • अप्रैल 2026 में जिला आयोग के फैसले की रिपोर्ट सामने आई।
  • राज्य के अन्य मॉल पर इसके व्यापक प्रभाव का दावा संबंधित अपीलीय आदेश देखकर ही निश्चित रूप से किया जाना चाहिए।

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