CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, कई जिलों में पारा 43 डिग्री के पार, अगले 5 दिनों तक हीट वेव का अलर्ट
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) रायपुर केंद्र ने अगले 5 दिनों तक प्रदेश में गर्म और शुष्क मौसम बने रहने की संभावना जताई है। साथ ही मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हीट वेव यानी लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

बिलासपुर बना सबसे गर्म जिला
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार 20 मई को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा मुंगेली में 43.9°C, सक्ती में 43.8°C, बालोद और कबीरधाम में 43.5°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रायपुर में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। यहां अधिकतम तापमान 43.5°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक रहा। वहीं प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अगले 5 दिनों तक नहीं मिलेगी राहत
IMD के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा और आने वाले दिनों में तापमान में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में हीट वेव जैसी स्थिति बनने की चेतावनी दी है। रायपुर शहर के लिए जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि 21 मई को आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 44°C और न्यूनतम तापमान 30°C के आसपास रहने की संभावना है।
गर्म हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
प्रदेशभर में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को दिनभर भारी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दे रही है। गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग की एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों को लू और भीषण गर्मी से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
क्या करें?
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- धूप में निकलते समय छाता या टोपी का इस्तेमाल करें
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- ORS, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन करें
बारिश की गतिविधि बेहद कमजोर
हालांकि प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई के अंतिम सप्ताह में प्री-मानसून गतिविधियों में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
