Abhigyan App: अंगूठा लगाते ही सामने आएगा आपराधिक रिकॉर्ड, अमित शाह ने लॉन्च किया NCRB का नया डिजिटल हथियार
Abhigyan App NCRB: देश में अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए गृह मंत्रालय ने ‘अभिज्ञान ऐप (Abhigyan App)’ लॉन्च किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह ऐप पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को रियल-टाइम फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन की सुविधा देगा, जिससे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कुछ ही सेकंड में की जा सकेगी।

पुलिस को मिला नया डिजिटल हथियार
अभिज्ञान ऐप को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने विकसित किया है। यह ऐप NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) से जुड़ा हुआ है, जिसमें देशभर के आरोपियों, दोषियों और कैदियों के करोड़ों फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड सुरक्षित रखे गए हैं।
अब पुलिसकर्मी सड़क पर ही किसी संदिग्ध व्यक्ति के अंगूठे का निशान स्कैन कर उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी अपने स्मार्टफोन पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे जांच प्रक्रिया तेज होगी और अपराधियों की पहचान में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
कैसे काम करेगा अभिज्ञान ऐप?
अभिज्ञान ऐप एक पोर्टेबल फिंगरप्रिंट स्कैनर के जरिए काम करता है। पुलिसकर्मी संदिग्ध व्यक्ति के फिंगरप्रिंट लेकर सीधे NAFIS डेटाबेस से उसका मिलान कर सकेंगे।
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ऐप की प्रमुख विशेषताएं
- रियल-टाइम फिंगरप्रिंट पहचान
- स्मार्टफोन आधारित सत्यापन प्रणाली
- टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित
- देशभर के अपराधियों के केंद्रीकृत डेटाबेस से कनेक्ट
- मौके पर ही आपराधिक रिकॉर्ड की जांच
- पुलिस जांच और चार्जशीट प्रक्रिया में तेजी
1.3 करोड़ से ज्यादा रिकॉर्ड का डेटाबेस
अभिज्ञान ऐप जिस NAFIS सिस्टम से जुड़ा है, उसमें करीब 1.3 करोड़ अपराध संदिग्धों और दोषियों का डेटा मौजूद है। इसमें—
- 9.91 लाख नशीले पदार्थों के तस्करों के रिकॉर्ड
- 3.65 लाख मानव तस्करी मामलों के डेटा
- विभिन्न जेलों और आपराधिक मामलों का विस्तृत डेटाबेस
शामिल है।
अब थाने ले जाने की जरूरत नहीं
फिलहाल फिंगरप्रिंट मिलान की सुविधा देशभर में स्थापित लगभग 1,556 वर्कस्टेशनों तक सीमित है। किसी व्यक्ति के रिकॉर्ड की जांच के लिए उसे थाने या जिला मुख्यालय ले जाना पड़ता था। अभिज्ञान ऐप के आने के बाद पुलिसकर्मी मौके पर ही सत्यापन कर सकेंगे, जिससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो जाएगी।
अमित शाह ने तकनीक के उपयोग पर दिया जोर
अभिज्ञान ऐप लॉन्च करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केवल अपराधियों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से सजा दिलाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि फिंगरप्रिंट, डीएनए, फेशियल रिकॉग्निशन, मोबाइल टावर डेटा और आईरिस स्कैन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग जांच को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाएगा तथा अदालतों में मजबूत सबूत प्रस्तुत करने में मदद करेगा।
अपराध जांच में आएगा बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि अभिज्ञान ऐप पुलिसिंग और अपराध जांच प्रणाली में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह न केवल अपराधियों की पहचान को आसान बनाएगा बल्कि जांच एजेंसियों की कार्यक्षमता भी बढ़ाएगा। आने वाले समय में यह तकनीक देश की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
