CG Electricity Bill Scheme: 30 जून तक कराएं रजिस्ट्रेशन, पुराने बिजली बिल में मिलेगी 75% तक की छूट
CG Electricity Bill Scheme: छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए पुराने बकाया बिजली बिलों में 75 प्रतिशत तक की छूट देने की घोषणा की है। इसके लिए उपभोक्ताओं को 30 जून 2026 तक मोर बिजली ऐप के माध्यम से पंजीयन कराना होगा। योजना का लाभ घरेलू, कृषि और बीपीएल श्रेणी के लाखों उपभोक्ताओं को मिलेगा।

सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत बकाया बिजली बिलों का निपटारा आसान बनाने और उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
रायपुर में 30 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने कराया पंजीयन
बिजली विभाग के अनुसार, केवल रायपुर जिले में ही अब तक 30 हजार से अधिक उपभोक्ता इस योजना के लिए पंजीयन करा चुके हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इन उपभोक्ताओं को लगभग 40 लाख रुपये तक की राहत मिलने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि योजना को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और अंतिम तिथि तक पंजीयन संख्या दोगुनी से अधिक हो सकती है।
क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना?
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई इस विशेष योजना का उद्देश्य पुराने बकाया बिजली बिलों का निपटारा करना और उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत प्रदान करना है।
योजना के तहत:
- घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष छूट
- कृषि उपभोक्ताओं को राहत
- बीपीएल परिवारों को अतिरिक्त लाभ
- पुराने बकाया बिलों पर 75% तक छूट की सुविधा
- किस्तों में भुगतान की संभावनाएं
अंतिम छूट राशि उपभोक्ता की श्रेणी और बकाया राशि के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
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घर बैठे ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
उपभोक्ता बिना किसी कार्यालय जाए मोबाइल से ही योजना में आवेदन कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया:
- मोबाइल में मोर बिजली ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप खोलने पर योजना का बैनर दिखाई देगा।
- उस पर क्लिक करें।
- आवेदन फॉर्म भरें।
- उपभोक्ता क्रमांक दर्ज करें।
- नाम और बिजली बिल की जानकारी भरें।
- मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- आवेदन सबमिट करें।
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद विभाग द्वारा आवेदन की जांच कर पात्रता के अनुसार छूट निर्धारित की जाएगी।
30 जून के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 जून तक प्राप्त सभी आवेदनों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ताओं की श्रेणी के अनुसार बकाया राशि पर छूट तय की जाएगी।
सरकार और उपभोक्ताओं दोनों को होगा फायदा
इस योजना से जहां उपभोक्ताओं को पुराने बिजली बिलों से राहत मिलेगी, वहीं बिजली कंपनियों को भी लंबे समय से लंबित बकाया राशि की वसूली में मदद मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है।
