Tejaswin Shankar Commonwealth Games 2026: तेजस्विन शंकर का ऐतिहासिक कारनामा, डेकाथलॉन में जीता ब्रॉन्ज मेडल
Tejaswin Shankar Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट तेजस्विन शंकर ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए डेकाथलॉन स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के डेकाथलॉन इवेंट में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। चोट से जूझने के बावजूद तेजस्विन ने शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया।

चोट के बावजूद नहीं मानी हार
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले तेजस्विन शंकर घुटने और पैर की चोट से परेशान थे। चोट के कारण उन्हें अपने पसंदीदा हाई जंप इवेंट से दूरी बनानी पड़ी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और डेकाथलॉन में हिस्सा लेकर शानदार प्रदर्शन किया।
दो दिनों तक चला कड़ा मुकाबला
डेकाथलॉन में खिलाड़ियों को दो दिनों के दौरान 10 अलग-अलग ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स में हिस्सा लेना होता है। तेजस्विन शंकर ने सभी चुनौतियों का सामना करते हुए 7976 अंक हासिल किए और तीसरे स्थान पर रहकर ब्रॉन्ज मेडल जीता।
पहले दिन शानदार प्रदर्शन
पहले दिन तेजस्विन ने 100 मीटर दौड़, लॉन्ग जंप, शॉट पुट, हाई जंप और 400 मीटर रेस में दमदार प्रदर्शन किया। हाई जंप में उन्होंने 2.15 मीटर की छलांग लगाकर सभी प्रतिभागियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पहले दिन के अंत तक उनके 4339 अंक थे।
दूसरे दिन की शानदार वापसी
दूसरे दिन 110 मीटर हर्डल्स, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, जैवलिन थ्रो और 1500 मीटर दौड़ में उन्होंने संघर्ष जारी रखा। पोल वॉल्ट के बाद वह पदक की दौड़ से पीछे होते नजर आए, लेकिन 53.12 मीटर के सीजन बेस्ट जैवलिन थ्रो ने उन्हें फिर से टॉप-3 में पहुंचा दिया।
1500 मीटर दौड़ में तय हुआ पदक
आखिरी 1500 मीटर दौड़ में तेजस्विन ने 4:36.19 मिनट का समय निकाला। कुल अंकों के आधार पर उन्होंने 7976 अंक हासिल किए और ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया।
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गोल्ड और सिल्वर किसने जीता?
डेकाथलॉन का गोल्ड मेडल ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर ने 8096 अंक के साथ जीता, जबकि कनाडा के ओलंपिक चैंपियन डेमियन वॉर्नर ने 8036 अंक के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। तेजस्विन शंकर की यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है और भविष्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
