Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस, मांगा जवाब
Sonam Wangchuk: जंतर-मंतर पर पिछले 17 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों सरकारों से जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका (PIL) में मांग की गई है कि सोनम वांगचुक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर उनकी जान बचाने के लिए फोर्स-फीडिंग के माध्यम से तरल आहार, विटामिन और जरूरी पोषक तत्व दिए जाएं।
स्वास्थ्य को लेकर जताई गई गंभीर चिंता
याचिका सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता राकेश कुमार सैनी द्वारा दायर की गई है। इसमें दावा किया गया है कि लगातार भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार उनका करीब 8.5 किलोग्राम वजन कम हो चुका है और ब्लड प्रेशर 109/70 दर्ज किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि समय रहते उचित इलाज नहीं मिला तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
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28 जून से जारी है भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले चल रहा है। संगठन की प्रमुख मांगों में कथित NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाना शामिल है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य संबंधी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें डॉक्टर उनकी नियमित जांच करते दिखाई दे रहे हैं। संगठन के अनुसार अब उन्हें चलने-फिरने और खड़े होने में भी कठिनाई हो रही है। अब इस पूरे मामले पर सभी की नजर दिल्ली हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर है। केंद्र और दिल्ली सरकार के जवाब के बाद अदालत आगे की कार्रवाई तय करेगी।
