Semiconductor Mission: ISM 2.0 को जल्द मिल सकती है कैबिनेट मंजूरी, भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
India Semiconductor Mission 2.0: भारत सरकार जल्द ही India Semiconductor Mission (ISM) 2.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, मिशन से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दे सुलझ चुके हैं और इसे जल्द कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले इस मिशन का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर चिप मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन, स्किल डेवलपमेंट और सप्लाई चेन इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

ISM 2.0 के तहत केवल चिप निर्माण ही नहीं, बल्कि गैस, इंगॉट्स, वेफर और अन्य आवश्यक रॉ मैटेरियल के घरेलू उत्पादन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि भारत सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए आत्मनिर्भर बन सके।
12 साल तक चलेगा मिशन
सूत्रों के मुताबिक, ISM 2.0 की अवधि 5 साल से बढ़ाकर 12 साल की जाएगी। इससे उद्योग को दीर्घकालिक निवेश और उत्पादन विस्तार का बेहतर अवसर मिलेगा। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
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ISM 1.0 से मिली सफलता
इससे पहले ISM 1.0 के तहत लगभग 70,000 करोड़ रुपये की योजना में 12 परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी, जिनमें से 3 कंपनियां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं। अब ISM 2.0 के जरिए सरकार पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
2030 तक आयात पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य
सरकार को उम्मीद है कि इस मिशन के जरिए 2030 तक भारत अपनी घरेलू सेमीकंडक्टर मांग का 75% तक उत्पादन देश में ही कर सकेगा। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा
भारत में तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन, AI, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को देखते हुए सेमीकंडक्टर की मांग लगातार बढ़ रही है। ISM 2.0 के लागू होने से देश में रोजगार, निवेश और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
