India US Defence Deal: जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम के लिए करार, को-प्रोडक्शन का रास्ता खुलेगा
India US Defence Deal: भारत ने अमेरिका से जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम खरीदने की दिशा में अहम कदम उठाया है। भारतीय सेना ने अमेरिका की Foreign Military Sales (FMS) प्रक्रिया के तहत जैवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम के लिए Letter of Offer and Acceptance (LOA) पर हस्ताक्षर किए हैं। अमेरिका ने इसे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम खरीदने की योजना बना रहा है। उन्होंने इसे भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों में बड़ा कदम बताते हुए भविष्य में संयुक्त उत्पादन (Co-Production) की संभावनाओं का भी जिक्र किया।
भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
अमेरिकी दूतावास के अनुसार, LOA पर हस्ताक्षर भारत और अमेरिका के सशस्त्र बलों के बीच मजबूत साझेदारी को दर्शाते हैं। साथ ही इससे दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच भविष्य में सहयोग और को-प्रोडक्शन के नए अवसरों पर बातचीत का रास्ता खुल सकता है।
यह घटनाक्रम नवंबर 2025 में अमेरिका द्वारा भारत को जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम और Excalibur Guided Artillery Munition की प्रस्तावित बिक्री को मंजूरी दिए जाने के बाद सामने आया है।
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क्या है जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम?
Javelin एक एडवांस्ड मीडियम-रेंज फायर-एंड-फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम है। इसे RTX और Lockheed Martin के संयुक्त उपक्रम Javelin Joint Venture ने विकसित किया है। इस सिस्टम को बख्तरबंद वाहनों और मजबूत ठिकानों जैसे लक्ष्यों के खिलाफ इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी फायर-एंड-फॉरगेट तकनीक के कारण लॉन्च के बाद ऑपरेटर को लगातार मिसाइल को गाइड करने की जरूरत नहीं होती। जैवलिन की प्रमुख खूबियों में इसकी टॉप-अटैक क्षमता भी शामिल है। इस मोड में मिसाइल लक्ष्य के ऊपरी हिस्से को निशाना बना सकती है। इसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना और मरीन कॉर्प्स के अलावा कई अन्य देशों की सेनाएं भी करती हैं।
भारत के लिए क्यों अहम है यह डील?
जैवलिन सिस्टम की खरीद से भारतीय सेना की एंटी-आर्मर क्षमता को मजबूती मिल सकती है। इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता रक्षा औद्योगिक सहयोग भविष्य में संयुक्त उत्पादन और तकनीकी सहयोग के नए अवसर पैदा कर सकता है।
