Dhanteras 2026: धनतेरस पर यम दीपक कब और कैसे जलाएं? जानें सही दिशा, शुभ मुहूर्त, मंत्र और पूरी विधि
Dhanteras 2026: धनतेरस का पर्व केवल सोना-चांदी या बर्तन खरीदने का ही नहीं, बल्कि यम दीपदान की परंपरा निभाने का भी विशेष दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस की शाम यमराज के निमित्त दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार के सदस्यों को लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।

किस दिशा में रखें यम दीपक?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है। इसलिए धनतेरस की शाम घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर यम दीपक रखना शुभ माना जाता है।
यम दीपक जलाने की सही विधि
- आटे या मिट्टी का चौमुखा दीपक लें।
- उसमें चार रुई की बातियां रखें।
- दीपक में सरसों या तिल का तेल भरें।
- दीपक के नीचे अक्षत (साबुत चावल) रखें।
- प्रदोष काल में मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं।
- दीपक जलाने के बाद यमराज का स्मरण कर परिवार की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
यम दीपदान मंत्र
“मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह।
त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम॥”
धार्मिक मान्यता है कि इस मंत्र का जाप करते हुए दीपदान करने से यमराज की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इन स्थानों पर भी करें दीपदान
धनतेरस के दिन यम दीपक के अलावा तुलसी के पौधे, मंदिर, पीपल, आंवले और केले के पेड़ के पास दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। यदि नदी या तालाब के किनारे दीपदान करें तो पर्यावरण का ध्यान रखते हुए दीपक को पानी में न बहाएं।
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धनतेरस 2026 पर यम दीपदान का शुभ समय
वर्ष 2026 में धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार प्रदोष काल शाम 5:32 बजे से रात 8:09 बजे तक रहेगा। इसी समय यम दीपदान करना सबसे शुभ माना गया है।
Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं के अनुसार पूजा-विधि एवं समय में अंतर हो सकता है।
