D2M Technology Trial Successful: बिना इंटरनेट मोबाइल पर चलेगा Live TV, दिल्ली में D2M टेक्नोलॉजी का ट्रायल सफल
D2M Technology Trial Successful: भारत में मोबाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अब बिना इंटरनेट के भी स्मार्टफोन पर लाइव टीवी और वीडियो कंटेंट देखा जा सकेगा। Direct-to-Mobile यानी D2M टेक्नोलॉजी का दिल्ली में सफल ट्रायल पूरा हो गया है। इस ट्रायल में Tejas Networks के MarkOne D2M हैंडसेट का इस्तेमाल किया गया, जिसने लैब और फील्ड टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिए।

रिपोर्ट के मुताबिक यह ट्रायल सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और प्रसार भारती की निगरानी में किया गया।
क्या है D2M टेक्नोलॉजी?
D2M यानी Direct-to-Mobile एक ऐसी नई तकनीक है, जिसकी मदद से बिना इंटरनेट या मोबाइल डेटा के सीधे स्मार्टफोन और टैबलेट पर लाइव टीवी, वीडियो और मल्टीमीडिया कंटेंट देखा जा सकेगा।
यह तकनीक 470–582MHz UHF स्पेक्ट्रम बैंड का इस्तेमाल करती है और ATSC 3.0 स्टैंडर्ड पर काम करती है। आसान भाषा में समझें तो आपका मोबाइल भविष्य में “छोटा टीवी” बन जाएगा, जिसमें बिना डेटा खर्च किए लाइव चैनल और वीडियो चल सकेंगे।
ट्रायल में क्या-क्या हुआ टेस्ट?
दिल्ली में हुए इस ट्रायल के दौरान यह जांचा गया कि D2M सिग्नल मौजूदा 2G, 3G, 4G और 5G नेटवर्क में कोई बाधा तो नहीं डाल रहा। रिपोर्ट के अनुसार टेस्ट में पाया गया कि D2M टेक्नोलॉजी ने किसी भी मोबाइल नेटवर्क को प्रभावित नहीं किया। इसके अलावा रिसीवर, डोंगल, स्मार्टफोन और होम गेटवे जैसे उपकरणों की क्षमता भी जांची गई। सभी डिवाइस ने बिना किसी रुकावट के सिग्नल रिसीव किए।
वॉइस कॉल और इंटरनेट पर नहीं पड़ेगा असर
फील्ड ट्रायल में यह भी देखा गया कि D2M सिग्नल के दौरान फोन कॉल, SMS और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। इससे साफ हो गया कि लाइव टीवी देखने के बावजूद मोबाइल की जरूरी सेवाओं में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
भारत में क्यों खास है यह टेक्नोलॉजी?
D2M टेक्नोलॉजी खासतौर पर उन इलाकों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों तक भी आसानी से शिक्षा, समाचार, आपदा अलर्ट और मनोरंजन कंटेंट पहुंचाया जा सकेगा। सरकार और टेक कंपनियां इसे डिजिटल इंडिया मिशन के लिए बड़ा कदम मान रही हैं।
अभी क्या हैं चुनौतियां?
हालांकि D2M टेक्नोलॉजी का ट्रायल सफल रहा है, लेकिन इसे आम लोगों तक पहुंचाने में अभी कुछ समय लग सकता है। इसके लिए बड़े स्तर पर डिवाइस सपोर्ट, नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेक्ट्रम मैनेजमेंट की जरूरत होगी।
इसके अलावा Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea (Vi) जैसी टेलीकॉम कंपनियां भी इस तकनीक को लेकर विस्तृत अध्ययन की मांग कर रही हैं।
भारत में कब शुरू हो सकती है सेवा?
फिलहाल सरकार और टेक कंपनियां D2M टेक्नोलॉजी के इकोसिस्टम पर तेजी से काम कर रही हैं। सफल ट्रायल के बाद उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो सकता है, जहां बिना इंटरनेट मोबाइल पर लाइव टीवी सेवा उपलब्ध होगी।
