Chhattisgarh illegal mining: छत्तीसगढ़ में अवैध खनन पर सख्ती ड्रोन से निगरानी, 10 रूट्स पर ई-चेक गेट सिस्टम लागू
Chhattisgarh illegal mining: Chhattisgarh सरकार अब अवैध खनन और खनिज परिवहन पर लगाम लगाने के लिए हाईटेक कदम उठा रही है। प्रदेश में ड्रोन तकनीक के जरिए खदानों की निगरानी की जाएगी और 10 प्रमुख रूट्स पर ई-चेक गेट सिस्टम लागू किया जाएगा। राजधानी Raipur से मिली जानकारी के अनुसार, यह कदम खनिज संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

ड्रोन से होगी 24×7 निगरानी
अब खदानों की निगरानी पारंपरिक तरीकों से हटकर आधुनिक तकनीक से की जाएगी। ड्रोन कैमरों के जरिए:
- एरियल सर्वे और 3D मैपिंग की जाएगी
- लीज क्षेत्र के अंदर और बाहर खनन की पहचान होगी
- ओवर माइनिंग (अधिक खनन) पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी
शुरुआती चरण में 5 ड्रोन तैनात किए जाएंगे, जिन्हें सर्विस मोड पर लिया जाएगा। इनका संचालन विशेषज्ञ टीम द्वारा किया जाएगा। ड्रोन निगरानी खासतौर पर Dhamtari, Baloda Bazar और Bilaspur जैसे जिलों में शुरू होगी, जहां अवैध खनन की शिकायतें अधिक हैं।
ई-चेक गेट से खनिज परिवहन पर कंट्रोल
खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाने के लिए 10 प्रमुख रूट्स पर ई-चेक गेट सिस्टम लागू किया जाएगा। यह पूरी तरह डिजिटल होगा, जिसमें:
- हर वाहन की एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड होगी
- वाहन नंबर, खनिज प्रकार, मात्रा और गंतव्य दर्ज होगा
- रियल टाइम ट्रैकिंग संभव होगी
इससे ओवरलोडिंग, टैक्स चोरी और बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन पर रोक लगेगी।
वैध खनन के प्रमुख तरीके
प्रदेश में अवैध खनन कई रूपों में सामने आता है:
- बिना लीज या परमिट के खनन
- निर्धारित क्षेत्र से बाहर खुदाई
- ओवर माइनिंग (सीमा से अधिक खनन)
- बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन
- फर्जी दस्तावेजों का उपयोग
सख्त नियम और कार्रवाई
खनिज नियमों में संशोधन करते हुए सरकार ने सख्त प्रावधान लागू किए हैं:
- रेत और गौड़ खनिजों के अवैध उत्खनन पर न्यूनतम ₹25,000 जुर्माना
- माइनिंग सर्विलांस और सैटेलाइट मॉनिटरिंग से रियल टाइम निगरानी
- ऑनलाइन ट्रांजिट पास अनिवार्य
पिछले 5 वर्षों में इन उपायों से 84.47 करोड़ रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।
सरकार का बयान
Vishnu Deo Sai के निर्देश पर यह सख्त कदम उठाए गए हैं। खनिज विभाग के सचिव P. Dayanand ने बताया कि ड्रोन निगरानी और ई-गेट सिस्टम से अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
