BIS Certification for Screen Guard: स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड खरीदने के नियम बदले, 2027 से बिना BIS मार्क वाले प्रोडक्ट पर लगेगी रोक
BIS Certification for Screen Guard: स्मार्टफोन यूजर्स के लिए स्क्रीन गार्ड एक जरूरी एक्सेसरी बन चुका है। फोन की स्क्रीन को स्क्रैच और टूटने से बचाने के लिए लोग टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बाजार में मिलने वाले सभी स्क्रीन गार्ड की गुणवत्ता एक जैसी नहीं होती। इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने स्क्रीन गार्ड की गुणवत्ता को लेकर बड़ा फैसला लिया है।

सरकार ने अब स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड के लिए BIS (Bureau of Indian Standards) सर्टिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। नए नियम लागू होने के बाद बिना BIS प्रमाणित स्क्रीन गार्ड की बिक्री नहीं की जा सकेगी।
1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए नियम
सरकार द्वारा तय किए गए नए BIS मानक 1 अप्रैल 2027 से पूरे देश में लागू होंगे। इसके बाद बाजार में केवल वही स्क्रीन प्रोटेक्टर और स्क्रीन गार्ड बिक सकेंगे, जो निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करेंगे। इस नियम का उद्देश्य खराब गुणवत्ता वाले स्क्रीन गार्ड की बिक्री को रोकना और ग्राहकों को बेहतर सुरक्षा वाले प्रोडक्ट उपलब्ध कराना है।
कंपनियों को करानी होगी BIS टेस्टिंग
नए नियमों के तहत स्क्रीन गार्ड बनाने वाली कंपनियों और आयातकों को अपने प्रोडक्ट की BIS मानकों के अनुसार जांच करानी होगी। टेस्टिंग में पास होने के बाद ही कंपनियां अपने स्क्रीन गार्ड बाजार में बेच सकेंगी। बिना BIS सर्टिफिकेशन वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री पर कार्रवाई की जा सकती है।
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नियमों का उल्लंघन करने पर:
- प्रोडक्ट जब्त किया जा सकता है
- कंपनियों और विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया जा सकता है
- बिक्री पर रोक लगाई जा सकती है
- स्क्रीन गार्ड के पैकेट पर दिखेगा BIS मार्क
नए नियम लागू होने के बाद स्क्रीन गार्ड की पैकेजिंग में भी बदलाव देखने को मिलेगा। ग्राहकों को पैकेट पर:
- BIS का ISI मार्क
- BIS रजिस्ट्रेशन नंबर
जैसी जानकारी मिलेगी।
ग्राहक इस रजिस्ट्रेशन नंबर को BIS Care ऐप के जरिए जांच सकेंगे और पता लगा सकेंगे कि प्रोडक्ट असली और प्रमाणित है या नहीं।
लोकल और सस्ते स्क्रीन गार्ड पर पड़ेगा असर
फिलहाल बाजार में बड़ी संख्या में लोकल और बिना ब्रांड वाले स्क्रीन गार्ड उपलब्ध हैं। नए BIS नियम लागू होने के बाद ऐसे प्रोडक्ट्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। अब घरेलू कंपनियों के साथ-साथ विदेशों से आने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को भी गुणवत्ता मानकों को पूरा करना होगा। इससे ग्राहकों को बेहतर क्वालिटी के स्क्रीन गार्ड मिलने की उम्मीद है।
क्या महंगे हो जाएंगे स्क्रीन गार्ड?
BIS सर्टिफिकेशन लागू होने के बाद स्क्रीन गार्ड की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
कंपनियों को:
- BIS टेस्टिंग का खर्च
- सर्टिफिकेशन फीस
- बेहतर क्वालिटी मटेरियल का इस्तेमाल करना होगा।
इन अतिरिक्त खर्चों के कारण स्क्रीन गार्ड की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।
ग्राहकों को खरीदते समय क्या ध्यान रखना होगा?
नए नियम लागू होने के बाद स्क्रीन गार्ड खरीदते समय ग्राहक इन बातों का ध्यान रखें:
- पैकेट पर BIS ISI मार्क जरूर देखें
- BIS रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें
- BIS Care ऐप से प्रमाणिकता की जांच करें
- बहुत सस्ते और बिना जानकारी वाले प्रोडक्ट खरीदने से बचें
गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का यह कदम स्मार्टफोन एक्सेसरी बाजार में गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे ग्राहकों को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद स्क्रीन प्रोटेक्टर मिलेंगे, हालांकि इसका असर कीमतों पर भी पड़ सकता है।
