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Shardiya Navratri 2026: 1000 फीट ऊंची पहाड़ी पर विराजमान मां विजयासन धाम, नवरात्रि में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर (रविवार) से हो चुकी है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना के साथ देशभर के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के सलकनपुर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां विजयासन धाम में भी लाखों भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। विंध्याचल पर्वत श्रृंखला में लगभग 1000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर नवरात्रि के दौरान आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है।

Shardiya Navratri 2026


200 से 300 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंच रहे श्रद्धालु

मां विजयासन धाम के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में भक्त 200 से 300 किलोमीटर तक की पदयात्रा कर माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। रास्ते भर माता के जयकारों के साथ चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। नवरात्रि के दौरान परिवारों के साथ आने वाले श्रद्धालु माता से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना कर रहे हैं। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, पूजा-पाठ और देवी जयकारों का माहौल बना हुआ है।

मां विजयासन के दर्शन का विशेष महत्व

प्राकृतिक सुंदरता से घिरी पहाड़ी पर स्थित मां विजयासन धाम मध्य प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां विजयासन शक्ति, साहस, विजय और कल्याण की अधिष्ठात्री देवी हैं। इसलिए शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां दर्शन और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से माता के दर्शन करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

1400 सीढ़ियां, सड़क और रोपवे की सुविधा

मां विजयासन धाम तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 1400 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। हालांकि, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और छोटे बच्चों के साथ आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे और सड़क मार्ग की व्यवस्था भी उपलब्ध है। इससे बड़ी संख्या में लोग आसानी से मंदिर तक पहुंचकर दर्शन कर पा रहे हैं।

प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम

नवरात्रि में बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, पेयजल, चिकित्सा और दर्शन व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि नवरात्रि के आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, इसलिए सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।

20 अक्टूबर को होगा नवरात्रि का समापन

शारदीय नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूप—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा करेंगे। इस वर्ष नवरात्रि का समापन 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को विजयादशमी (दशहरा) के साथ होगा।

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