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Somvati Amavasya 2026: 30 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, अधिक मास के अंतिम दिन पीपल के नीचे करें ये उपाय

Somvati Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस वर्ष ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या सोमवार को पड़ने से एक अत्यंत दुर्लभ संयोग बना है, जो लगभग 30 वर्षों बाद देखने को मिल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन पितृ शांति, भगवान शिव और भगवान विष्णु की आराधना तथा विशेष उपायों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

Somvati Amavasya 2026


30 साल बाद बना विशेष योग

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार ज्येष्ठ अधिक मास का समापन सोमवती अमावस्या के दिन हो रहा है। इसके साथ ही सूर्य देव का मिथुन राशि में प्रवेश यानी मिथुन संक्रांति का भी संयोग बन रहा है। धर्म और ज्योतिष के जानकारों के अनुसार यह दुर्लभ अवसर कई दशकों बाद आया है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है।

पीपल के पेड़ के नीचे करें ये विशेष उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करने से पितृ दोष, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की कई बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।

करें ये उपाय:

  • दोपहर के समय पीपल के पेड़ की जड़ में कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर अर्पित करें।
  • पीपल वृक्ष की परिक्रमा करें और भगवान विष्णु का स्मरण करें।
  • शाम के समय पीपल के नीचे घी का दीपक जलाएं।
  • पितरों की शांति के लिए तर्पण और दान-पुण्य करें।

मान्यता है कि पीपल के वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है, इसलिए यहां पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।

भगवान शिव की करें विशेष पूजा

सोमवार भगवान शिव को समर्पित दिन माना जाता है। ऐसे में सोमवती अमावस्या पर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है।

लाभ के लिए करें ये कार्य:

  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
  • गौ माता को हरा चारा या रोटी खिलाएं।
  • पक्षियों को दाना और जल दें।

पितृ दोष से मुक्ति का माना जाता है दिन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर किए गए दान, जप, तप और पूजा-पाठ से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्य कई गुना फलदायी माने जाते हैं और परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि का वास होता है।

नोट: धार्मिक मान्यताएं और ज्योतिषीय उपाय आस्था पर आधारित हैं। इनके प्रभाव को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हो सकती हैं।

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