8th Pay Commission: DA के फॉर्मूले में हो सकता है बड़ा बदलाव, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा फायदा?
8th Pay Commission Latest News: आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े मुद्दों पर कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें आयोग के सामने रखना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत (DR) की गणना के मौजूदा फॉर्मूले में बदलाव की मांग की है।

DA और DR के फॉर्मूले की समीक्षा की मांग
AIDEF का कहना है कि वर्तमान में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाला ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) अब वास्तविक महंगाई को सही तरीके से नहीं दर्शाता।
फेडरेशन के अनुसार, मौजूदा इंडेक्स बढ़ती जीवन-यापन लागत और उपभोक्ता खर्चों को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं कर पा रहा है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।
क्या है मौजूदा व्यवस्था?
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के DA और पेंशनर्स के DR की गणना AICPI-IW के 12 महीने के औसत के आधार पर की जाती है। यह इंडेक्स रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव को मापता है और उसी आधार पर महंगाई भत्ता तय किया जाता है। अप्रैल 2026 में केंद्र सरकार ने DA और DR में 2 प्रतिशत की वृद्धि की थी, जिसके बाद दोनों की दर 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
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महंगाई को सही नहीं दिखा रहा नया CPI बास्केट?
AIDEF ने आठवें वेतन आयोग को सौंपे गए अपने ज्ञापन में कहा है कि 2022-23 में लागू किए गए संशोधित CPI बास्केट में खाद्य पदार्थों और कृषि उत्पादों की कीमतों में होने वाली वास्तविक बढ़ोतरी को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है।
फेडरेशन का दावा है कि खाद्य वस्तुओं का हिस्सा अब कुल इंडेक्स का केवल 36.75 प्रतिशत रह गया है, जबकि कर्मचारियों के मासिक खर्च में भोजन और आवश्यक वस्तुओं की हिस्सेदारी कहीं अधिक होती है। ऐसे में वास्तविक महंगाई दर और इंडेक्स में दिखाई गई महंगाई दर के बीच अंतर बढ़ गया है।
पेंशनर्स पर ज्यादा असर
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पेंशनर्स पर इसका प्रभाव और अधिक पड़ रहा है क्योंकि उनकी आय सीमित होती है और बढ़ती महंगाई का सीधा असर उनके मासिक बजट पर दिखाई देता है।इसलिए फेडरेशन ने मांग की है कि आठवें वेतन आयोग महंगाई भत्ते की गणना के लिए नए और अधिक यथार्थवादी इंडेक्स पर विचार करे।
2027 तक आ सकती हैं सिफारिशें
जानकारों के मुताबिक आठवां वेतन आयोग वर्ष 2027 की पहली छमाही तक अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंप सकता है। ऐसे में DA फॉर्मूला, फिटमेंट फैक्टर और वेतन संरचना में संभावित बदलावों को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई है।
यदि आयोग AIDEF की मांगों को स्वीकार करता है तो आने वाले समय में DA और DR की गणना का तरीका बदल सकता है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
