Vijaya Mehta Dies: सिनेमा की दिग्गज डायरेक्टर ने 91 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, अनुपम खेर समेत फिल्म इंडस्ट्री में शोक
Vijaya Mehta Dies: भारतीय थिएटर और पैरेलल सिनेमा की दिग्गज निर्देशक, अभिनेत्री और रंगकर्मी विजया मेहता का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार रात दक्षिण मुंबई स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि अभिनेता और निर्देशक विजय केनकरे ने की। इस दुखद खबर के सामने आते ही फिल्म और थिएटर जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

विजया मेहता को भारतीय रंगमंच की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिना जाता था। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई कलाकारों को अभिनय की बारीकियां सिखाईं और थिएटर को नई दिशा दी।
विजय केनकरे ने दी निधन की जानकारी
अभिनेता विजय केनकरे ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बताया कि विजया मेहता, जिन्हें सभी प्यार से ‘बाई’ कहकर बुलाते थे, ने मंगलवार रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच अपने घर पर अंतिम सांस ली।उन्होंने कहा कि उन्हें विजया मेहता की बेटी से निधन की सूचना मिली। केनकरे ने इसे अपनी व्यक्तिगत क्षति बताते हुए कहा कि वह उनकी गुरु थीं और भारतीय रंगमंच की महानतम निर्देशकों में से एक थीं।
अनुपम खेर ने भावुक श्रद्धांजलि दी
विजया मेहता के निधन पर अभिनेता अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि विजया मेहता भारतीय थिएटर की सबसे महान हस्तियों में से एक थीं और उनसे उन्होंने अभिनय की असली समझ हासिल की।अनुपम खेर ने बताया कि उन्हें ‘राव साहेब‘ (1985) और ‘पेस्तनजी’ (1988) जैसी फिल्मों में विजया मेहता के साथ काम करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि हर रिहर्सल ने उन्हें अभिनय की नई गहराइयों से परिचित कराया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि विजया मेहता का अनुशासन, संवेदनशीलता और सादगी हमेशा कलाकारों को प्रेरित करती रहेगी।
थिएटर और पैरेलल सिनेमा की मजबूत पहचान
विजया मेहता केवल एक निर्देशक नहीं थीं, बल्कि भारतीय थिएटर की एक संस्था मानी जाती थीं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नाटकों का निर्देशन किया और समानांतर सिनेमा को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में कई कलाकारों ने अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। थिएटर और सिनेमा में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
स्टार परिवार से होने के बावजूद चुना अलग रास्ता
विजया मेहता का परिवार फिल्म जगत से जुड़ा रहा। उनकी चाची नलिनी जयवंत और कजिन बहनें तनूजा तथा नूतन हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्रियां थीं। इसके बावजूद उन्होंने ग्लैमर की बजाय थिएटर और गंभीर सिनेमा को अपना कार्यक्षेत्र बनाया। उन्होंने पहले हारिन खोटे से विवाह किया था। उनके निधन के बाद उन्होंने फारुख मेहता से विवाह किया।
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भारतीय रंगमंच के लिए अपूरणीय क्षति
विजया मेहता का निधन भारतीय थिएटर, समानांतर सिनेमा और अभिनय जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपने काम, अनुशासन और संवेदनशील दृष्टिकोण से कई पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित किया। उनका योगदान हमेशा भारतीय कला जगत में अमिट रहेगा।
