University Name Change: अब नए नाम से जाना जाएगा IKSV, शासन ने जारी की आधिकारिक स्वीकृति
University Name Change: छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और देश के प्रतिष्ठित कला एवं संगीत शिक्षण संस्थानों में शामिल इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (IKSV) अब नए नाम से पहचाना जाएगा। राज्य शासन ने विश्वविद्यालय का नाम बदलकर “राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय” करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शासन की स्वीकृति के बाद विश्वविद्यालय की नई पहचान को आधिकारिक रूप से लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह निर्णय न केवल एक प्रशासनिक बदलाव है, बल्कि खैरागढ़ राजपरिवार की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राज्यपाल के सुझाव पर शुरू हुई नाम परिवर्तन की प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तन राज्यपाल एवं कुलाधिपति के सुझाव पर शुरू किया गया था। इसके बाद कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवश्यक दस्तावेजों और औपचारिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए प्रस्ताव शासन को भेजा। प्रशासनिक परीक्षण और दस्तावेजी समीक्षा के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 मई को नाम परिवर्तन की स्वीकृति जारी कर दी।
ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा सम्मान
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह बदलाव केवल नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि खैरागढ़ राजपरिवार की शिक्षा, कला और संस्कृति के क्षेत्र में दी गई ऐतिहासिक भूमिका को स्थायी सम्मान प्रदान करने का प्रयास है। लंबे समय से विश्वविद्यालय के नाम में मौजूद “इंदिरा” शब्द को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती थी। नए नाम के माध्यम से अब संस्थान की मूल ऐतिहासिक पहचान और राजपरिवार से उसका संबंध स्पष्ट रूप से सामने आएगा।
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विश्वविद्यालय को मिलेगी नई सांस्कृतिक पहचान
कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा ने इस निर्णय के लिए राज्यपाल और राज्य शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक पहचान को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, जिन्हें सीमित समय में जुटाकर शासन को भेजा गया। इस कार्य में सहायक प्राध्यापक डॉ. मंगलानंद झा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
राजपरिवार ने फैसले का किया स्वागत
खैरागढ़ राजपरिवार ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। राजा आर्यव्रत सिंह और राजकुमारी शताक्षी सिंह ने इसे पूर्वजों की दानशीलता, शिक्षा के प्रति समर्पण और सांस्कृतिक योगदान को सम्मान देने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि खैरागढ़ की सांस्कृतिक पहचान और राजपरिवार की दूरदर्शिता का प्रतीक है, जिसकी मूल पहचान को संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।
कला और संगीत शिक्षा का प्रमुख केंद्र
देश और प्रदेश में कला, संगीत एवं सांस्कृतिक शिक्षा के प्रमुख केंद्रों में शामिल यह विश्वविद्यालय वर्षों से संगीत, ललित कला और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में नाम परिवर्तन को केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
