School Admission Rules: छत्तीसगढ़ में पहली कक्षा के एडमिशन नियम बदले अब 6 वर्ष होगी न्यूनतम आयु, सभी सरकारी-निजी स्कूलों में लागू होंगे नए नियम
School Admission Rules: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक और बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा पहली में प्रवेश (Class 1 Admission) के लिए नई आयु सीमा निर्धारित कर दी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अब पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष अनिवार्य होगी।

स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। यह नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2027-28 से पूरे प्रदेश में लागू होगी।
1 अप्रैल के आधार पर तय होगी प्रवेश आयु
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, अब प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में 1 अप्रैल को बच्चे की आयु के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य फाउंडेशनल स्टेज को मजबूत बनाना और पूरे राज्य में प्रवेश प्रक्रिया को एक समान करना है।
विभिन्न कक्षाओं के लिए नई आयु सीमा
नई व्यवस्था के तहत बच्चों की आयु निम्नानुसार निर्धारित की गई है—
| कक्षा | निर्धारित आयु |
|---|---|
| नर्सरी (बालवाटिका-1) | 3 वर्ष से अधिक एवं 4 वर्ष से कम |
| केजी-1 (बालवाटिका-2) | 4 वर्ष से अधिक एवं 5 वर्ष से कम |
| केजी-2 (बालवाटिका-3) | 5 वर्ष से अधिक एवं 6 वर्ष से कम |
| कक्षा पहली | 6 वर्ष से अधिक एवं 7 वर्ष से कम |
बच्चों को मिलेगी 3 महीने की विशेष छूट
सरकार ने अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयु सीमा में विशेष छूट भी दी है। यदि कोई बच्चा 1 अप्रैल तक निर्धारित आयु पूरी नहीं कर पाता, लेकिन 1 जुलाई तक आवश्यक आयु पूरी कर लेता है, तो उसे अधिकतम 3 महीने की विशेष छूट देकर संबंधित कक्षा में प्रवेश दिया जा सकेगा।
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सरकारी और निजी सभी स्कूलों में लागू होगा नियम
यह नया नियम प्रदेश के सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
इनमें शामिल हैं—
- सरकारी विद्यालय
- निजी (अशासकीय) विद्यालय
- अनुदान प्राप्त विद्यालय
- RTE के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर होने वाले प्रवेश
किन विद्यार्थियों को मिलेगी छूट?
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो विद्यार्थी पहले से किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय की प्री-प्राइमरी कक्षा से उत्तीर्ण होकर पहली कक्षा में प्रवेश ले रहे हैं, उन पर नई आयु सीमा लागू नहीं होगी।
ऐसे मामलों में—
- ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC)
- अंकसूची
- स्कोर कार्ड
- जन्मतिथि के रिकॉर्ड
के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिए हैं कि—
- नए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
- विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), संकुल समन्वयक और स्कूल प्रमुखों को निर्देशित करें।
- अभिभावकों को नए नियमों की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
क्यों लिया गया यह फैसला?
राज्य सरकार का मानना है कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा (Foundational Learning) मजबूत करने के लिए सही आयु में विद्यालय प्रवेश बेहद आवश्यक है।
नई व्यवस्था से—
- बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक विकास बेहतर होगा।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था विकसित होगी।
- पूरे राज्य में प्रवेश प्रक्रिया में एकरूपता आएगी।
- प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
एक नजर में नए नियम
- पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष
- आयु की गणना 1 अप्रैल के आधार पर होगी
- 1 जुलाई तक आयु पूरी होने पर 3 महीने की विशेष छूट
- सरकारी, निजी और RTE सभी स्कूलों में लागू
- प्री-प्राइमरी से प्रोन्नत विद्यार्थियों को आयु सीमा से छूट
- नया नियम 2027-28 सत्र से प्रभावी
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय राज्य की शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहली कक्षा में 6 वर्ष की न्यूनतम आयु लागू होने से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा अधिक व्यवस्थित होगी और पूरे राज्य में एक समान प्रवेश प्रणाली लागू हो सकेगी।
