NCERT New Book 2026: NCERT की कक्षा 9 की किताब में पहली बार शामिल हुआ आपातकाल, भारतीय नदियों के नाम पर रखे गए पाठ्यपुस्तकों के नाम
NCERT New Book 2026: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में पहली बार वर्ष 1975-77 के आपातकाल (Emergency) को विस्तार से शामिल किया है। शिक्षा क्षेत्र में इसे एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। नई किताब में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है।

एनसीईआरटी की नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक ‘Understanding Society: India and Beyond’ में लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों पर विशेष फोकस किया गया है। पुस्तक में बताया गया है कि आपातकाल के दौरान नागरिकों के अधिकांश मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई थी और कई राजनीतिक नेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।
लोकतंत्र की चुनौतियों को समझाएगी नई किताब
पुस्तक में 1975 से 1977 के बीच लागू आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन दौर बताया गया है। इसमें उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और जन असंतोष का भी उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा किताब में लोकतंत्र के सामने आने वाली आधुनिक चुनौतियों जैसे फेक न्यूज, गलत सूचना, सामाजिक असमानता, लैंगिक भेदभाव, क्षेत्रीयता और गरीबी जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।
यह भी पढ़ें: OnePlus Nord Buds 4 भारत में लॉन्च: 52dB ANC, 54 घंटे की बैटरी और AI फीचर्स के साथ
जयप्रकाश नारायण की भूमिका पर विशेष जोर
नई पुस्तक में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले जन आंदोलनों का भी उल्लेख किया गया है। किताब में बताया गया है कि उनके नेतृत्व ने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और 1977 के आम चुनाव भारतीय लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक बने।
“लोकतंत्र और आप” नाम से नया सेक्शन
एनसीईआरटी ने पहली बार “लोकतंत्र और आप” शीर्षक से एक नया सेक्शन जोड़ा है। इसका उद्देश्य छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, नागरिक जिम्मेदारियों और संविधान के प्रति जागरूक बनाना है।
मीडिया को बताया गया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ
नई किताब में मीडिया की भूमिका पर भी विशेष अध्याय दिया गया है। इसमें मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए जनहित के मुद्दों को उठाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में उसकी भूमिका को समझाया गया है।
भारतीय नदियों के नाम पर रखे गए किताबों के नाम
एनसीईआरटी ने भाषा विषयों की नई पाठ्यपुस्तकों को भारतीय नदियों के नामों से जोड़ा है।
- हिंदी पुस्तक – गंगा
- अंग्रेजी पुस्तक – कावेरी
- उर्दू पुस्तक – जमुना
- कन्नड़ पुस्तक – कृष्णा
एनसीईआरटी का मानना है कि इससे छात्रों को भारतीय संस्कृति, भूगोल और विरासत से जोड़ने में मदद मिलेगी।
संतुलित आहार पर भी विशेष जानकारी
नई पाठ्यपुस्तक में संतुलित आहार (Balanced Diet) पर भी जानकारी दी गई है। इसमें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के भोजन को समान रूप से दर्शाया गया है। एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि पुस्तक किसी भी प्रकार की खानपान शैली का समर्थन या विरोध नहीं करती।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि आपातकाल, लोकतंत्र, मीडिया और नागरिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों को स्कूल स्तर पर शामिल करने से छात्रों में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक समझ को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
