IIT Roorkee: IIT रुड़की का AI प्लेटफॉर्म कैंसर इलाज में बनेगा गेम चेंजर, 4 घंटे में बताएगा सबसे असरदार दवा संयोजन
IIT Roorkee Cancer AI Platform: भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि सामने आई है। Indian Institute of Technology Roorkee के वैज्ञानिक प्रो. कमल जैन ने एक अत्याधुनिक AI और कंप्यूटेशनल सर्च आधारित प्लेटफॉर्म ‘OmniSynx’ विकसित किया है, जो कैंसर मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित और प्रभावी दवा संयोजन चुनने में मदद करेगा। यह तकनीक महज 4 घंटे में करोड़ों संभावित दवा संयोजनों का विश्लेषण कर मरीज के लिए बेहतर उपचार विकल्प सुझाने में सक्षम है।

कैंसर उपचार में AI की बड़ी छलांग
भारत में हर साल लगभग 15 लाख नए कैंसर मरीज सामने आते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इनमें से करीब 75 प्रतिशत मामलों में बीमारी का पता तब चलता है जब कैंसर एडवांस स्टेज में पहुंच चुका होता है। ऐसे में सही समय पर सही इलाज चुनना डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
इसी समस्या का समाधान देने के लिए विकसित किया गया OmniSynx प्लेटफॉर्म मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, कैंसर की स्थिति और उपलब्ध दवाओं का विश्लेषण कर सबसे प्रभावी उपचार रणनीति तैयार करता है।
77 करोड़ दवा संयोजनों का करेगा विश्लेषण
प्रो. कमल जैन के मुताबिक यह AI प्लेटफॉर्म 378 से अधिक कैंसर दवाओं के लगभग 77 करोड़ संभावित संयोजनों की जांच कर सकता है। सिस्टम उन दवा संयोजनों को प्राथमिकता देता है जो मरीज के लिए सबसे अधिक सुरक्षित और प्रभावी हों। इससे डॉक्टरों को उपचार तय करने में मदद मिलेगी और मरीजों को तेजी से बेहतर इलाज मिल सकेगा।
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बायोप्सी फेल होने पर भी करेगा काम
OmniSynx की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उन मामलों में भी उपयोगी साबित हो सकता है, जहां बायोप्सी सफल नहीं हो पाती। कई बार कैंसर मरीजों में खून में कैंसर डीएनए नहीं मिलता या कुछ अंगों की बायोप्सी करना जोखिम भरा होता है। ऐसे मामलों में यह प्लेटफॉर्म प्रकाशित मेडिकल रिसर्च और उपलब्ध वैज्ञानिक डेटा के आधार पर उपचार विकल्प खोजने में मदद करता है।
गंभीर मरीज के इलाज में मिली सफलता
प्रो. जैन ने बताया कि एक 63 वर्षीय मरीज, जो RET-Fusion Thyroid Cancer से पीड़ित था, उसकी स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी। पारंपरिक उपचार के बाद कैंसर ने दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लिया था। ऐसे में OmniSynx प्लेटफॉर्म ने मात्र 4 घंटे में सबसे उपयुक्त दवा संयोजन खोजकर डॉक्टरों को सुझाव दिया, जिससे मरीज के उपचार की नई दिशा तय हो सकी।
भविष्य में mRNA वैक्सीन डिजाइन में भी मदद
वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में इस प्लेटफॉर्म का उपयोग केवल कैंसर उपचार तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए:
- व्यक्तिगत mRNA वैक्सीन डिजाइन
- दवाओं के दुष्प्रभावों की भविष्यवाणी
- व्यक्तिगत चिकित्सा (Personalized Medicine)
- AI आधारित हेल्थकेयर निर्णय
जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
विशेषज्ञों का मानना है कि OmniSynx जैसी तकनीकें भविष्य में कैंसर उपचार को अधिक सटीक, सुरक्षित और तेज बना सकती हैं। इससे डॉक्टरों का समय बचेगा और मरीजों को बेहतर उपचार मिलने की संभावना बढ़ेगी। IIT रुड़की की यह पहल भारत को AI आधारित हेल्थकेयर इनोवेशन के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है।
