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Gandhari Review: तापसी पन्नू की ‘गांधारी’ में दमदार एक्शन, हर मोड़ पर चौंकाएगा सस्पेंस और थ्रिल

Gandhari Review: तापसी पन्नू की नई फिल्म ‘गांधारी’ एक मां की अपनी बेटी को बचाने की जंग, चाइल्ड ट्रैफिकिंग और बदले की कहानी पर आधारित है। फिल्म का विषय गंभीर और भावनात्मक है, लेकिन कमजोर पटकथा, बिखरे हुए ट्विस्ट और धीमी रफ्तार इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाते हैं। तापसी पन्नू ने अपने किरदार में पूरी जान डाल दी है, लेकिन कहानी उनका साथ नहीं दे पाती।

कहानी में दम नहीं दिखता

फिल्म की शुरुआत एक मजबूत भावनात्मक आधार बनाती है, जहां बेटी के लापता होने के बाद मां की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। लेकिन कहानी को गति पकड़ने में काफी समय लगता है। जॉयपुरा पहुंचने के बाद चाइल्ड ट्रैफिकिंग नेटवर्क की कहानी रोमांच पैदा करने के बजाय उलझती चली जाती है।

तापसी पन्नू की दमदार परफॉर्मेंस

तापसी पन्नू ने एक मां की बेबसी, गुस्से और बदले की भावना को बेहतरीन तरीके से निभाया है। खासकर एक्शन सीक्वेंस में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली है। हालांकि, कमजोर स्क्रीनप्ले उनकी मेहनत को पूरी तरह सफल नहीं होने देता।

सपोर्टिंग कास्ट का सीमित असर

जतिन सरना, मीता वशिष्ठ, छाया कदम, ईश्वर सिंह और प्रशांत नारायणन जैसे कलाकार अपनी भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें कहानी में पर्याप्त स्पेस नहीं मिलता। कई किरदार अधूरे और कमजोर नजर आते हैं।

क्लाइमैक्स भी नहीं छोड़ता खास असर

फिल्म का क्लाइमैक्स दर्शकों को चौंकाने में नाकाम रहता है। कई ट्विस्ट पहले से ही अनुमानित लगते हैं और कुछ खुलासे जबरन जोड़े गए प्रतीत होते हैं। यही वजह है कि फिल्म आखिर तक वह रोमांच पैदा नहीं कर पाती जिसकी उम्मीद की जाती है।

क्या देखें या नहीं?

अगर आप तापसी पन्नू के एक्शन और अभिनय के प्रशंसक हैं तो फिल्म एक बार देख सकते हैं। लेकिन यदि आप मजबूत कहानी और सस्पेंस से भरपूर थ्रिलर की उम्मीद कर रहे हैं, तो ‘गांधारी’ आपको निराश कर सकती है।

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