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Crude Oil Price Today: कच्चे तेल में 1.2% की तेजी, मिडिल ईस्ट तनाव से सप्लाई पर चिंता; जानें भारत में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव

Crude Oil Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। बुधवार सुबह कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड करीब 1.21% बढ़कर 106.92 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 1.20% की बढ़त के साथ 95.30 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका से बाजार में तेजी बनी हुई है।

Crude Oil Price Today

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछाल के बावजूद भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी सप्लाई की चिंता

वैश्विक तेल बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में मजबूती दर्ज की गई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के साथ-साथ सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते संघर्ष ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाए जाने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यह समुद्री मार्ग दुनिया में कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए सबसे अहम मार्गों में से एक माना जाता है।

भारत पर क्या पड़ सकता है असर?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ सकता है।

यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो भविष्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ परिवहन लागत और महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, फिलहाल घरेलू ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

भारत में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:

शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)

नई दिल्ली 102.12 95.20
मुंबई 111.21 97.83
कोलकाता 113.51 99.82
चेन्नई 107.76 99.55

नोट: ईंधन की कीमतें राज्य सरकारों के वैट और स्थानीय करों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

आगे क्या देख रहा है बाजार?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट की स्थिति, वैश्विक तेल सप्लाई और प्रमुख तेल उत्पादक देशों के फैसलों पर बाजार की नजर रहेगी। यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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