CG Smart Meter: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य, बिजली उपभोक्ताओं के लिए आया बड़ा अपडेट
CG Smart Meter Update: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बिजली वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय की ओर से 12 अगस्त 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ में भी स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन को लेकर प्रक्रिया तेज होने की बात कही जा रही है।
सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर जरूरी
बिजली वितरण कंपनी के मुताबिक, जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाया जाना अनिवार्य है। इससे बिजली की खपत की निगरानी और बिलिंग व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
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स्मार्ट मीटर से कैसे कम हो सकता है बिजली बिल?
बिजली कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर के अनुसार, स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर ज्यादा आसानी से नजर रख सकेंगे। भविष्य में Time of Day यानी TOD Tariff व्यवस्था का लाभ भी उपभोक्ताओं को मिल सकता है। इसके तहत अलग-अलग समय के अनुसार बिजली की दरों में अंतर हो सकता है। ऐसे में उपभोक्ता कम दर वाले समय में ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करके अपने बिजली बिल को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके अलावा, स्मार्ट मीटर बिजली वितरण कंपनी को भी उपभोक्ताओं की खपत का सटीक रिकॉर्ड रखने में मदद करेगा।
स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर क्या कहा बिजली कंपनी ने?
स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर सामने आए बैकुंठपुर प्रकरण का भी बिजली कंपनी ने उल्लेख किया है। कंपनी के अनुसार, मामले की जांच में स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग लगभग समान पाई गई।
जांच के दौरान 27 जुलाई से 7 अगस्त के बीच स्मार्ट मीटर में कुल 302 यूनिट की खपत दर्ज हुई, जबकि चेक मीटर में 303 यूनिट की रीडिंग मिली। यानी दोनों रीडिंग में केवल 1 यूनिट का अंतर पाया गया। कंपनी का कहना है कि मैनुअल मीटर रीडिंग में मानवीय त्रुटि की संभावना हो सकती है, जबकि स्मार्ट मीटर में खपत की रीडिंग स्वचालित रूप से दर्ज होती है।
स्मार्ट मीटर से क्या होंगे फायदे?
बिजली कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर से कई स्तर पर फायदा हो सकता है। इनमें प्रमुख रूप से:
- बिजली खपत की सटीक निगरानी
- बिलिंग में पारदर्शिता
- मीटर रीडिंग में मानवीय त्रुटि की संभावना कम होना
- बिजली खपत का बेहतर रिकॉर्ड
- उपभोक्ताओं को अपनी खपत पर नजर रखने में सुविधा
- भविष्य में TOD Tariff का लाभ लेने की संभावना
उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील
स्मार्ट मीटर को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाओं के बीच बिजली वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर भरोसा न करें। कंपनी के मुताबिक, स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य बिजली की खपत और बिलिंग को ज्यादा सटीक और पारदर्शी बनाना है।
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर क्या है नया नियम?
CG Smart Meter Update के मुताबिक, जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य बताया गया है। केंद्र के निर्देशों के बाद स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए बिजली वितरण कंपनी या संबंधित आधिकारिक माध्यम से प्राप्त सूचना को ही प्राथमिकता दें।
