Bilaspur High Court: कंप्यूटर ऑपरेटरों को हाईकोर्ट से राहत, सेवा समाप्ति और बकाया वेतन मामले में 6 सप्ताह में फैसला होगा
Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में लगभग 10 वर्षों से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने सेवा समाप्ति और कई महीनों से लंबित वेतन के मामले में केंद्र सरकार और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) को 6 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

जस्टिस बिभु दत्त गुरु की एकल पीठ ने अमित कुमार वर्मा सहित 11 कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। अदालत ने कर्मचारियों को नया विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की अनुमति देते हुए कहा कि सक्षम अधिकारी कानून के अनुसार मामले का परीक्षण कर तर्कसंगत आदेश जारी करें।
10 वर्षों से दे रहे थे सेवाएं
याचिकाकर्ता भिलाई-चरौदा, दुर्ग, बलौदाबाजार, जगदलपुर, धमतरी, गरियाबंद, बैकुंठपुर, महासमुंद, कवर्धा और कांकेर सहित विभिन्न नगरीय निकायों में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत पिछले करीब 10 वर्षों से कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे।
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7 महीने का वेतन रोकने और सेवा समाप्ति का आरोप
याचिका में बताया गया कि विभाग ने अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 तक का वेतन जारी नहीं किया और 7 अप्रैल 2026 को अचानक उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कर्मचारियों ने सेवा समाप्ति आदेश रद्द करने, बकाया वेतन का भुगतान, सेवा बहाली तथा उनकी जगह नए आउटसोर्स या संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने दिया महत्वपूर्ण निर्देश
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित विभागों की ओर से अदालत को बताया गया कि यदि कर्मचारी नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करते हैं, तो सक्षम प्राधिकारी निर्धारित समय सीमा में उस पर निर्णय लेने को तैयार हैं।
दोनों पक्षों की सहमति के बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि कर्मचारी संबंधित अधिकारियों के समक्ष नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करें और 6 सप्ताह के भीतर उस पर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाए। यह आदेश लंबे समय से वेतन और नौकरी को लेकर संघर्ष कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
