Bastar Goncha Parv 2026: ऐतिहासिक गोंचा महोत्सव की तैयारियां तेज, 9 दिनों तक होंगे धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम
Bastar Goncha Parv 2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान माने जाने वाले ऐतिहासिक गोंचा पर्व की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। जगदलपुर में आयोजित होने वाला यह पारंपरिक पर्व इस वर्ष भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। पर्व के दौरान लगातार 9 दिनों तक महाभंडारा, धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक आयोजन किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होंगे।

गोंचा पर्व न केवल बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति का प्रतीक है, बल्कि यह स्थानीय परंपराओं और धार्मिक आस्था का भी महत्वपूर्ण उत्सव माना जाता है।
9 दिनों तक होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन
मंदिर समिति के अनुसार, गोंचा पर्व के दौरान प्रतिवर्ष समाज के विभिन्न वर्गों और श्रद्धालुओं के सहयोग से कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इस वर्ष भी आयोजन के दौरान—
- महाभंडारा
- धार्मिक अनुष्ठान
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
- पारंपरिक लोक कार्यक्रम
- श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
लगातार नौ दिनों तक आयोजित की जाएंगी।
शासन से 18 लाख रुपये की सहायता का प्रस्ताव
गोंचा पर्व को और भव्य बनाने के लिए मंदिर समिति ने इस बार शासन से अतिरिक्त आर्थिक सहयोग की मांग की है। जानकारी के अनुसार, पूर्व में संस्कृति विभाग की ओर से 5 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया जाता था। वहीं इस वर्ष आयोजन के विस्तार को देखते हुए 18 लाख रुपये का प्रस्ताव तहसीलदार के माध्यम से राज्य शासन को भेजा गया है।
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कलेक्टर और तहसीलदार के साथ होगी बैठक
मंदिर समिति के सदस्य नरेंद्र पाणिग्राही ने बताया कि शासन को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद जल्द ही तहसीलदार और कलेक्टर के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में—
- गोंचा पर्व की व्यवस्थाएं
- सुरक्षा व्यवस्था
- श्रद्धालुओं की सुविधाएं
- शासन से मिलने वाले सहयोग
- आयोजन की रूपरेखा
पर विस्तृत चर्चा की जाएगी, ताकि इस वर्ष का आयोजन पहले से अधिक भव्य और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके।
बस्तर की संस्कृति का प्रतीक है गोंचा पर्व
गोंचा पर्व बस्तर की सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक धार्मिक परंपराओं में से एक है। हर वर्ष इस पर्व में प्रदेश सहित देशभर से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक जगदलपुर पहुंचते हैं। यह आयोजन बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक आस्था को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है।
निष्कर्ष
बस्तर का ऐतिहासिक गोंचा पर्व 2026 एक बार फिर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का भव्य संगम बनने जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव को सफल बनाने के लिए प्रशासन और मंदिर समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन से अतिरिक्त बजट मिलने पर इस बार आयोजन और भी आकर्षक होने की उम्मीद है।
