America.gov AI Chatbot: लॉन्च के कुछ ही देर बाद राजनीतिक सवालों पर बदला AI चैटबॉट का रुख, ट्रंप के दावों से अलग दिए जवाब
AI News: अमेरिकी सरकार द्वारा नागरिकों को सरकारी सेवाओं और सूचनाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लॉन्च किए गए America.gov AI Chatbot ने लॉन्च के कुछ ही समय बाद अपने जवाबों को लेकर सुर्खियां बटोर लीं। शुरुआती घंटों में चैटबॉट ने कई राजनीतिक और संवेदनशील सवालों के जवाब दिए, जिनमें से कुछ उत्तर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सार्वजनिक दावों से अलग थे। बाद में चैटबॉट ने ऐसे कई राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया।

2020 अमेरिकी चुनाव पर क्या कहा AI ने?
लॉन्च के दौरान जब चैटबॉट से वर्ष 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सवाल पूछा गया तो उसने जवाब दिया कि आधिकारिक संघीय रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि व्यापक स्तर पर कथित चुनावी धांधली ने चुनाव परिणाम को प्रभावित किया था।
चैटबॉट ने यह भी कहा कि कुछ अलग-अलग चुनावी अनियमितताओं के मामले सामने आए थे, लेकिन उनका चुनाव परिणाम पर कोई निर्णायक प्रभाव नहीं पड़ा। यह जवाब राष्ट्रपति ट्रंप के लंबे समय से किए जा रहे दावों से अलग माना गया।
कुछ ही देर बाद राजनीतिक सवालों पर जवाब देना किया बंद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉन्च के कुछ समय बाद चैटबॉट का व्यवहार बदल गया। इसके बाद जब उपयोगकर्ताओं ने 2020 चुनाव या अन्य राजनीतिक विषयों पर सवाल पूछे तो AI ने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि वह राजनीतिक विषयों पर प्रतिक्रिया नहीं देता। इस बदलाव ने सरकारी AI सिस्टम की पारदर्शिता, सीमाओं और संचालन प्रक्रिया को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी।
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2028 चुनाव पर संविधान का दिया हवाला
जब चैटबॉट से पूछा गया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप वर्ष 2028 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकते हैं, तो उसने अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन (22nd Amendment) का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो सकता। हालांकि चैटबॉट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका जवाब कानूनी सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
पेंटागन और राष्ट्रपति के वेतन पर भी दिए अलग जवाब
पेंटागन से जुड़े सवाल पर AI चैटबॉट ने उसे अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस (Department of Defense) का मुख्यालय बताया। वहीं राष्ट्रपति के वेतन को लेकर पूछे गए प्रश्न पर चैटबॉट ने कहा कि केवल डोनाल्ड ट्रंप ही ऐसे राष्ट्रपति नहीं थे जिन्होंने वेतन लेने से इनकार किया। AI के अनुसार, जॉर्ज वॉशिंगटन, हर्बर्ट हूवर और जॉन एफ. कैनेडी जैसे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति भी वेतन स्वीकार नहीं कर चुके थे।
सरकारी AI के उपयोग पर छिड़ी नई बहस
लॉन्च के कुछ ही घंटों में America.gov AI Chatbot के जवाबों और बाद में बदले गए व्यवहार ने सरकारी AI प्लेटफॉर्म की निष्पक्षता, जवाबदेही और सूचना प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी AI सिस्टम में राजनीतिक विषयों पर जवाब देने की नीति और पारदर्शिता भविष्य में महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है।
