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Adhik Mash 2026 : 17 मई से शुरू हुआ अधिक मास, पूरे एक महीने बदलें अपनी दिनचर्या, जानें क्या करें और क्या न करें

Adhik Mash 2026: धार्मिक दृष्टि से अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस वर्ष अधिक मास की शुरुआत 17 मई 2026 से हो चुकी है, जो 15 जून 2026 तक रहेगा। इस पूरे महीने में भगवान Lord Vishnu और Goddess Lakshmi की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए जप, तप, दान और पूजा का कई गुना फल प्राप्त होता है।

Adhik Mash 2026

धर्मशास्त्रों के अनुसार, यह महीना आत्मचिंतन, संयम, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। ऐसे में लोगों को अपनी दिनचर्या में कुछ विशेष बदलाव करने की सलाह दी जाती है।

अधिक मास में क्या करें?

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें

प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। पीले फूल, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करना शुभ माना जाता है।

मंत्र जाप और धार्मिक पाठ

अधिक मास में “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है। इसके अलावा Bhagavad Gita, Ramcharitmanas और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है।

दान-पुण्य करें

जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, पीली वस्तुएं, जल और धन का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

सात्विक जीवन अपनाएं

सादा भोजन करें, सकारात्मक सोच रखें और संयमित व्यवहार अपनाएं।

भजन-कीर्तन और सत्संग

इस अवधि में धार्मिक आयोजनों, सत्संग और भजन-कीर्तन में भाग लेना शुभ माना जाता है।

अधिक मास में क्या न करें?

मांगलिक कार्यों से बचें

विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण और नए व्यापार की शुरुआत जैसे शुभ कार्य इस दौरान सामान्यतः नहीं किए जाते।

तामसिक भोजन न करें

मांसाहार, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखें।

झूठ और विवाद से बचें

किसी का अपमान न करें, कटु वचन न बोलें और विवादों से दूर रहें।

अनैतिक कार्य न करें

छल-कपट, धोखा और अन्य अनुचित कार्यों से बचना चाहिए।

अधिक मास 2026 का धार्मिक महत्व

अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। यह समय आध्यात्मिक साधना, आत्मनिरीक्षण और पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

अधिक मास 2026 कब तक रहेगा?

  • शुरुआत: 17 मई 2026
  • समापन: 15 जून 2026

निष्कर्ष

अधिक मास 2026 केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं, बल्कि अपनी आदतों, सोच और जीवनशैली को बेहतर बनाने का सुनहरा अवसर है। इस दौरान पूजा-पाठ, दान और सात्विक जीवन अपनाकर व्यक्ति मानसिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकता है।

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