Gold Silver Price Crash Today: जानिए सोने-चांदी में क्यों आई भारी गिरावट
Gold Silver Price Crash Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। बीते सत्र में दोनों कीमती धातुएं रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थीं, लेकिन मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते महज 90 मिनट में दोनों का मार्केट कैप करीब 1.7 ट्रिलियन डॉलर घट गया। निवेशकों द्वारा तेजी से मुनाफा निकालने के कारण सोने और चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में हलचल मच गई।

कैसे आई इतनी बड़ी गिरावट?
कॉमेक्स (COMEX) पर पिछले सत्र में
- चांदी की कीमत $118 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, लेकिन 90 मिनट के भीतर गिरकर $103 प्रति औंस तक आ गई।
- वहीं सोना $5,100 प्रति औंस से गिरकर $5,004.10 तक फिसल गया।
कारोबार के अंत में:
- सोना 1.16% गिरकर $5,023.60 प्रति औंस पर बंद हुआ
- चांदी 6.41% टूटकर $108.095 प्रति औंस पर आ गई
इस तेज गिरावट से
- चांदी का मार्केट कैप करीब $900 अरब
- और सोने का मार्केट कैप करीब $800 अरब घट गया।
गिरावट की बड़ी वजहें क्या रहीं?
विशेषज्ञों के मुताबिक, गिरावट के पीछे ये बड़े कारण रहे:
- रिकॉर्ड हाई के बाद तेज मुनाफावसूली
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स की बिकवाली
- कीमतों का जरूरत से ज्यादा तेजी से बढ़ जाना
- तकनीकी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग का दबाव
हालांकि लंबी अवधि के निवेशक अभी भी गोल्ड और सिल्वर को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।
भारत में क्या है हाल?
ग्लोबल गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार में कीमती धातुओं में मजबूती देखी जा रही है।
एमसीएक्स (MCX) पर:
- चांदी ₹20,000 प्रति किलो से ज्यादा उछली है
- सोना ₹2,500 प्रति 10 ग्राम तक चढ़ा है
इस साल अब तक:
- सोने में करीब 17% की तेजी
- चांदी में करीब 50% की बढ़त दर्ज की गई है
क्यों बढ़ रही है सोने-चांदी में निवेश की मांग?
निवेशक इन कारणों से गोल्ड-सिल्वर की ओर रुख कर रहे हैं:
- वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव
- डॉलर में कमजोरी
- ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता
- सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की तलाश
इसी वजह से लंबी अवधि में अभी भी इन धातुओं को लेकर पॉजिटिव आउटलुक बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट शॉर्ट टर्म करेक्शन है। लॉन्ग टर्म में सोने और चांदी की कीमतों में फिर से मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की चाल और जोखिम का आंकलन जरूरी है।
