Governors Appointment: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 6 राज्यों में नियुक्त किए नए राज्यपाल, केरल में ओम प्रकाश माथुर और तमिलनाडु में राजेंद्र आर्लेकर को मिली जिम्मेदारी
Governors Appointment: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, ये नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों द्वारा पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होंगी। इस फेरबदल के तहत ओम प्रकाश माथुर को केरल, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल बनाया गया है। इसके अलावा ओडिशा, कर्नाटक और उत्तराखंड में भी नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है।

केरल की जिम्मेदारी ओम प्रकाश माथुर को
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान से पूर्व राज्यसभा सांसद ओम प्रकाश माथुर को केरल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह जुलाई 2024 से सिक्किम के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे। अब उन्हें केरल की संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तमिलनाडु के राज्यपाल बने राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को अब तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। आर्लेकर गोवा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और बिहार व हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का दायित्व भी संभाल चुके हैं। जनवरी 2025 से वह केरल के राज्यपाल थे। हाल ही में आर.एन. रवि के पश्चिम बंगाल स्थानांतरण के बाद वह तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे।
यह भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2026: 1000 फीट ऊंची पहाड़ी पर विराजमान मां विजयासन धाम
अन्य राज्यों में भी हुए बदलाव
राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्तियों के तहत अन्य राज्यों में भी नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं।
- ब्रज मोहन राम – ओडिशा के नए राज्यपाल
- डॉ. सुधा यादव – कर्नाटक की नई राज्यपाल
- डॉ. ढाल सिंह बिसेन – उत्तराखंड के नए राज्यपाल
- दुष्यंत गौतम – सिक्किम के नए राज्यपाल
कौन हैं नए राज्यपाल?
- ब्रज मोहन राम झारखंड के आदिवासी नेता और पूर्व सांसद हैं।
- डॉ. सुधा यादव पूर्व भाजपा सांसद रह चुकी हैं और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की पूर्व सदस्य भी रही हैं।
- डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं।
- दुष्यंत गौतम भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद रहे हैं।
राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है फैसला
विशेषज्ञों के अनुसार, केरल और तमिलनाडु जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम में हुए बदलावों को भी आगामी प्रशासनिक आवश्यकताओं और संगठनात्मक संतुलन के नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि, राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना में इन नियुक्तियों के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है।
