Pitru Paksha 2026: पितरों को तिलक करते समय किस उंगली का करें इस्तेमाल? जानें श्राद्ध से जुड़ी मान्यता
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान लोग अपने पूर्वजों को याद करते हुए उनके निमित्त तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म करते हैं। इन कर्मों में कई परंपराओं और विधियों का ध्यान रखा जाता है। इन्हीं में एक मान्यता तिलक या गंध लगाने के लिए अलग-अलग उंगलियों के प्रयोग से जुड़ी है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार पितरों, देवी-देवताओं, स्वयं और अतिथि को तिलक लगाने के लिए अलग-अलग उंगलियों के इस्तेमाल का उल्लेख मिलता है। ऐसे में पितृ पक्ष के दौरान सवाल उठता है कि पितरों को तिलक किस उंगली से लगाना चाहिए? आइए जानते हैं इससे जुड़ी प्रचलित धार्मिक मान्यता।
पितरों को किस उंगली से लगाना चाहिए तिलक?
प्रचलित धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों के निमित्त किए जाने वाले श्राद्ध, पिंडदान या अन्य कर्मों में तर्जनी उंगली (Index Finger) से तिलक या गंध लगाने की परंपरा बताई जाती है। पितृ पक्ष में किए जाने वाले धार्मिक कर्म पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान से जुड़े माने जाते हैं। इसलिए श्राद्ध कर्म के दौरान परिवार और परंपरा के अनुसार निर्धारित विधियों का पालन किया जाता है। हालांकि श्राद्ध की विधि क्षेत्र, कुल और धार्मिक परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में अपने परिवार में चली आ रही परंपरा या जानकार पुरोहित के मार्गदर्शन को प्राथमिकता दी जा सकती है।
खुद को तिलक लगाते समय किस उंगली का इस्तेमाल करें?
धार्मिक मान्यताओं में स्वयं के माथे पर तिलक लगाने के लिए मध्यमा यानी बीच की उंगली (Middle Finger) के इस्तेमाल का उल्लेख मिलता है। हालांकि विभिन्न संप्रदायों और पूजा पद्धतियों में इसके नियम अलग हो सकते हैं। तिलक में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी पूजा और अवसर के अनुसार बदलती है।
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भगवान को तिलक लगाने के लिए कौन सी उंगली?
देवी-देवताओं को तिलक अर्पित करते समय अनामिका यानी Ring Finger का प्रयोग करने की परंपरा कई पूजा पद्धतियों में प्रचलित है। पूजा के दौरान भगवान को चंदन, रोली, कुमकुम या अन्य पूजन सामग्री से तिलक अर्पित किया जाता है। इसकी विधि भी आराध्य देव और पूजा परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।
अतिथि को तिलक लगाते समय अंगूठे का इस्तेमाल
भारतीय परंपराओं में शुभ अवसरों पर घर आए अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत करने की परंपरा रही है। कुछ धार्मिक मान्यताओं में अतिथि को तिलक लगाने के लिए अंगूठे के इस्तेमाल का उल्लेख मिलता है। विवाह, धार्मिक आयोजन और अन्य मांगलिक अवसरों पर भी तिलक के जरिए स्वागत और सम्मान की परंपरा देखने को मिलती है।
किसके लिए कौन सी उंगली? एक नजर में समझें
| तिलक किसे लगाना है | प्रचलित मान्यता के अनुसार उंगली |
|---|---|
| पितरों को | तर्जनी (Index Finger) |
| स्वयं को | मध्यमा (Middle Finger) |
| देवी-देवताओं को | अनामिका (Ring Finger) |
| अतिथि को | अंगूठा (Thumb) |
पितृ पक्ष में इन बातों का रखें ध्यान
पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म श्रद्धा के साथ किए जाते हैं। इनकी विधि अलग-अलग क्षेत्रों, परिवारों और संप्रदायों में भिन्न हो सकती है। इसलिए पितरों के निमित्त कोई भी धार्मिक कर्म करते समय अपने कुल की परंपरा, स्थानीय रीति-रिवाज और परिवार में चली आ रही पूजा पद्धति का ध्यान रखना उचित माना जाता है। किसी विशेष श्राद्ध विधि को लेकर संशय होने पर जानकार पुरोहित से विधि समझी जा सकती है।
नोट: इस लेख में दी गई जानकारी प्रचलित धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों, संप्रदायों और परिवारों में पूजा एवं श्राद्ध की विधियां अलग हो सकती हैं।
