RailOne App Ticket Rule: अब WhatsApp पर भेजा ट्रेन टिकट नहीं होगा मान्य, नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
Railway New Ticket Rule: भारतीय रेलवे ने डिजिटल टिकट के दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब WhatsApp पर भेजा गया टिकट, स्क्रीनशॉट, फोटो या PDF कॉपी यात्रा के लिए मान्य नहीं होगी। रेलवे के नए निर्देशों के अनुसार, यात्रा के दौरान केवल RailOne App में मौजूद मूल डिजिटल टिकट ही वैध माना जाएगा।

यदि यात्री के पास वास्तविक टिकट ऐप में उपलब्ध नहीं है, तो उसे बिना टिकट माना जा सकता है और रेलवे नियमों के अनुसार जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
क्या बदला है रेलवे का नया नियम?
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल टिकट तभी मान्य होगा जब—
- टिकट RailOne App में मौजूद हो।
- टिकट उसी मोबाइल में हो, जिससे बुकिंग की गई है।
- टिकट उसी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से जुड़ा हो।
- जांच के समय यात्री ऐप में वास्तविक टिकट दिखा सके।
रेलवे ने साफ कहा है कि—
- WhatsApp टिकट
- Screenshot
- Photo Copy
- PDF Copy
इनमें से कोई भी यात्रा के दौरान वैध नहीं मानी जाएगी।
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रायपुर में सामने आया मामला
हाल ही में कोरबा-विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस (18517) में यात्रा कर रही एक महिला यात्री को रेलवे के इस नियम की जानकारी नहीं थी।
टीटीई द्वारा टिकट मांगने पर उन्होंने अपने भाई द्वारा भेजा गया WhatsApp स्क्रीनशॉट दिखाया। जांच में पता चला कि—
- टिकट ट्रेन रवाना होने के बाद बनाया गया था।
- टिकट यात्री के मोबाइल में उपलब्ध नहीं था।
- केवल स्क्रीनशॉट दिखाया गया।
रेलवे ने इसे अमान्य मानते हुए संबंधित यात्री से जुर्माना वसूला।
यात्रा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
रेलवे ने यात्रियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं—
- RailOne App वाला मोबाइल साथ रखें।
- मोबाइल पूरी तरह चार्ज रखें।
- यात्रा से पहले टिकट की जानकारी जांच लें।
- टिकट उसी मोबाइल में उपलब्ध होना चाहिए जिससे बुकिंग हुई है।
- ट्रेन रवाना होने से पहले ही टिकट बुक करें।
किन टिकटों पर लागू होगा नियम?
यह नया नियम मुख्य रूप से अनारक्षित (Unreserved) मोबाइल टिकट पर लागू होगा। आरक्षित (Reserved) टिकट के मामले में पहचान पत्र (ID Proof) की जांच भी की जाती है, इसलिए वहां प्रक्रिया अलग रहेगी।
रेलवे ने क्यों लिया यह फैसला?
रेलवे के अनुसार कई मामलों में लोग—
- एक ही टिकट कई लोगों को भेज देते थे।
- टिकट के स्क्रीनशॉट का दुरुपयोग करते थे।
- यात्रा के दौरान फर्जी डिजिटल टिकट दिखाते थे।
इन अनियमितताओं को रोकने के लिए अब डिजिटल टिकट की जांच सीधे ऐप के माध्यम से की जाएगी।
डिजिटल टिकट से यात्रा करने वालों के लिए जरूरी सलाह
- केवल RailOne App का ओरिजिनल टिकट रखें।
- किसी दूसरे व्यक्ति को केवल स्क्रीनशॉट भेजकर यात्रा न करें।
- यात्रा शुरू होने के बाद टिकट बुक करने की गलती न करें।
- टिकट जांच के समय इंटरनेट और मोबाइल उपलब्ध रखें।
रेलवे का उद्देश्य
रेलवे का कहना है कि इस व्यवस्था से—
- फर्जी टिकटों पर रोक लगेगी।
- टिकट जांच अधिक पारदर्शी होगी।
- डिजिटल टिकटिंग सिस्टम सुरक्षित बनेगा।
- यात्रियों और रेलवे दोनों को सुविधा मिलेगी।
