AI In UPI: यूपीआई में होगी AI की एंट्री, BHIM ऐप बनेगा और स्मार्ट, PhonePe-Google Pay को मिलेगी कड़ी चुनौती
AI In UPI: भारत में डिजिटल पेमेंट का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब Artificial Intelligence (AI) की एंट्री के साथ UPI पहले से ज्यादा स्मार्ट और सुरक्षित बनने जा रहा है। NPCI (National Payments Corporation of India) के एमडी एवं सीईओ दिलीप असबे ने बड़ा रोडमैप पेश करते हुए बताया कि आने वाले समय में AI की मदद से रोजाना 1 अरब UPI ट्रांजैक्शन का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। साथ ही 50 करोड़ नए यूजर्स को UPI से जोड़ने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।

NPCI का फोकस अब सिर्फ डिजिटल पेमेंट बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि AI आधारित सिक्योरिटी, फ्रॉड डिटेक्शन, आसान ऑनबोर्डिंग और भारतीय भाषाओं में डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी BHIM ऐप को भी नए फीचर्स के साथ PhonePe और Google Pay के मुकाबले एक मजबूत विकल्प बनाने की तैयारी है।
AI से और सुरक्षित होगा UPI
NPCI के अनुसार, AI तकनीक का इस्तेमाल डिजिटल पेमेंट को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए किया जाएगा।
AI की मदद से—
- ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर धोखाधड़ी की पहचान आसान होगी।
- फर्जी बैंक खातों और संदिग्ध ट्रांजैक्शन को तुरंत ट्रैक किया जाएगा।
- यूजर्स की सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
- संदिग्ध गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी।
भारतीय भाषाओं और Voice UPI पर होगा फोकस
NPCI अब AI आधारित Voice UPI और भारतीय भाषाओं में डिजिटल भुगतान सेवाओं को बढ़ावा देने की तैयारी कर रहा है। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों के करोड़ों लोगों को बिना अंग्रेजी जाने भी UPI इस्तेमाल करने में आसानी होगी। AI आधारित चैट और वॉयस असिस्टेंट के जरिए भुगतान और बैंकिंग सेवाएं और सरल बनाई जाएंगी।
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AI की मदद से मिलेगा आसान डिजिटल लोन
NPCI का कहना है कि AI तकनीक केवल पेमेंट तक सीमित नहीं रहेगी।
AI की मदद से—
- पात्र ग्राहकों की पहचान आसान होगी।
- Merchant और ग्राहकों को जल्दी डिजिटल क्रेडिट मिलेगा।
- Loan Approval Process तेज होगा।
- FinTech कंपनियां बेहतर AI मॉडल विकसित कर सकेंगी।
BHIM ऐप बनेगा PhonePe और Google Pay का बड़ा प्रतिद्वंद्वी
फिलहाल UPI बाजार के लगभग 80% हिस्से पर PhonePe और Google Pay का कब्जा है। NPCI अब अपने सरकारी BHIM ऐप को नई तकनीक, बेहतर सुरक्षा और AI फीचर्स के साथ मजबूत बनाने की तैयारी में है ताकि बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
31 दिसंबर 2026 से लागू होगा नया नियम
NPCI ने UPI बाजार में एकाधिकार कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है।
नई योजना के अनुसार—
- किसी भी UPI ऐप का मार्केट शेयर 30% से अधिक नहीं रहेगा।
- यह नियम 31 दिसंबर 2026 से लागू करने की तैयारी है।
- इसका उद्देश्य बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और नए खिलाड़ियों को अवसर देना है।
स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स पर होगा काम
NPCI का मानना है कि भारत के पास विशाल डिजिटल डेटा मौजूद है, जिसकी मदद से बैंक और FinTech कंपनियां छोटे AI Language Models तैयार कर सकती हैं।
इससे—
- ग्राहक सहायता बेहतर होगी।
- AI आधारित पेमेंट समाधान विकसित होंगे।
- शिकायतों का समाधान पहले से ज्यादा तेज होगा।
NPCI का FIMI AI मॉडल पहले से ही लाखों ग्राहकों की भुगतान संबंधी समस्याओं का समाधान करने में मदद कर रहा है।
UPI का भविष्य AI के साथ होगा और मजबूत
AI आधारित UPI सिस्टम लागू होने के बाद डिजिटल भुगतान पहले से ज्यादा सुरक्षित, तेज और स्मार्ट होगा। BHIM ऐप को नए फीचर्स के साथ मजबूत बनाकर NPCI बाजार में संतुलन लाने की कोशिश कर रहा है। वहीं Voice UPI, भारतीय भाषाओं में सेवाएं और AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन आने वाले समय में करोड़ों भारतीयों के डिजिटल भुगतान अनुभव को पूरी तरह बदल सकते हैं।
