Parama Ekadashi 2026: 10 या 11 जून? जानें व्रत की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्व
Parama Ekadashi 2026 Date: ज्येष्ठ अधिकमास की परमा एकादशी को लेकर इस बार श्रद्धालुओं के बीच तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि परमा एकादशी व्रत 10 जून को रखा जाए या 11 जून को। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास में आने वाली परमा एकादशी अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी मानी जाती है। यह लगभग तीन वर्ष में एक बार आती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का अवसर देती है।

परमा एकादशी व्रत कब रखा जाएगा?
द्रिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 10 जून 2026 को रात्रि 12:58 बजे प्रारंभ होगी और 11 जून 2026 को रात्रि 10:37 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर परमा एकादशी का व्रत 11 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। इसलिए श्रद्धालुओं को 11 जून को ही व्रत रखना चाहिए।
परमा एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:02 बजे से 04:42 बजे तक
- पूजा का शुभ समय : सुबह 05:23 बजे से 07:07 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:53 बजे से 12:49 बजे तक
- व्रत पारण : 12 जून 2026 को सुबह 05:23 बजे से 08:10 बजे तक
क्यों खास है परमा एकादशी?
धार्मिक ग्रंथों में परमा एकादशी को “सर्वोच्च एकादशी” कहा गया है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। अधिक मास में पड़ने के कारण इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
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पौराणिक कथा और धार्मिक महत्व
मान्यता है कि धन के देवता कुबेर ने परमा एकादशी व्रत के प्रभाव से धनाध्यक्ष का पद प्राप्त किया था। वहीं सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र ने भी इस व्रत के पुण्य से अपना खोया हुआ राज्य, परिवार और सम्मान वापस पाया था। यह व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लाने वाला माना जाता है।
परमा एकादशी व्रत के लाभ
- आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है।
- मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
- जीवन में सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
- पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग खुलता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया परमा एकादशी व्रत जीवन की अनेक समस्याओं को दूर कर सकता है और सुख-समृद्धि प्रदान करता है।
