WhatsApp Username Feature: सरकार के फैसले के बाद Arattai ऐप ने बंद किया यूजरनेम फीचर, श्रीधर वेम्बु बोले- नियमों का करेंगे पालन
WhatsApp Username Feature: भारत सरकार द्वारा WhatsApp के Username Feature पर रोक लगाए जाने के बाद अब स्वदेशी मैसेजिंग ऐप Arattai ने भी बड़ा फैसला लिया है। Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने घोषणा की है कि Arattai ऐप में मौजूद यूजरनेम आधारित अकाउंट फीचर को बंद किया जाएगा। इस फैसले के साथ Arattai सरकार के नए दिशा-निर्देशों का पालन करने वाला पहला भारतीय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म बन गया है।

श्रीधर वेम्बु ने X पर दी जानकारी
Zoho के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में Twitter) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि कंपनी सरकार के नए नियमों का सम्मान करते हुए Arattai में यूजरनेम आधारित अकाउंट फीचर को बंद कर रही है। उन्होंने लिखा कि कंपनी भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगी और यूजर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
क्या है Arattai ऐप?
Arattai Zoho का स्वदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है, जो यूजर्स को—
- चैटिंग
- वॉइस कॉल
- वीडियो कॉल
- ग्रुप कम्युनिकेशन
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
अब तक इस ऐप में मोबाइल नंबर की जगह Username आधारित अकाउंट का विकल्प मौजूद था, लेकिन अब इसे हटाने का फैसला लिया गया है।
यह भी पढ़ें: Gold Silver Rate Today 6 July 2026: चार दिन की तेजी के बाद सोने-चांदी में गिरावट
WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर क्यों लगी रोक?
हाल ही में Meta ने WhatsApp में ऐसा फीचर पेश करने की तैयारी की थी, जिसमें यूजर्स बिना मोबाइल नंबर साझा किए केवल Username के जरिए चैट कर सकते थे। लेकिन केंद्र सरकार ने इस फीचर को लेकर गंभीर चिंता जताई।
सरकार का मानना है कि—
- साइबर ठग बैंक, सरकारी विभाग और कंपनियों के नाम से फर्जी यूजरनेम बना सकते हैं।
- फिशिंग अटैक बढ़ सकते हैं।
- डिजिटल अरेस्ट जैसे ऑनलाइन फ्रॉड में वृद्धि हो सकती है।
- आम लोगों के लिए असली और नकली अकाउंट की पहचान करना मुश्किल हो जाएगा।
इसी वजह से MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) ने Meta को फिलहाल इस फीचर को भारत में लॉन्च नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
Meta से मांगी गई तकनीकी जानकारी
सरकार ने Meta से इस फीचर से जुड़ी विस्तृत तकनीकी जानकारी भी मांगी है, जिसमें शामिल हैं—
- सिस्टम आर्किटेक्चर
- सुरक्षा व्यवस्था
- यूजर वेरिफिकेशन प्रक्रिया
- फर्जी अकाउंट रोकने के उपाय
- साइबर फ्रॉड से बचाव के सिस्टम
जब तक सरकार इन पहलुओं से संतुष्ट नहीं होती, तब तक भारत में WhatsApp का Username Feature लॉन्च नहीं होगा।
WhatsApp का क्या कहना है?
WhatsApp का कहना है कि उसने पहले ही—
- सरकारी संस्थानों
- Meta Verified अकाउंट्स
- सेलिब्रिटी
- प्रसिद्ध ब्रांड्स
के यूजरनेम रिजर्व कर दिए हैं ताकि कोई अन्य व्यक्ति उनका गलत इस्तेमाल न कर सके। यदि कोई यूजर ऐसा रिजर्व नाम चुनने की कोशिश करेगा, तो सिस्टम उसे उपलब्ध नहीं बताएगा।
यूजर सुरक्षा पर सरकार का फोकस
भारत सरकार लगातार डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध रोकने के लिए नए कदम उठा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूजरनेम आधारित सिस्टम में यदि पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं होंगे तो ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में तेजी आ सकती है। ऐसे में Arattai द्वारा सरकार के फैसले का समर्थन करना भारतीय डिजिटल इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
