Uric Acid Control: बढ़ते यूरिक एसिड से परेशान? 3 आसान एक्सरसाइज करें, 3 महीने में दिखेगा असर
Uric Acid Control: आजकल बदलती जीवनशैली और गलत खानपान के कारण यूरिक एसिड का स्तर बढ़ना एक आम समस्या बन गई है। मेडिकल भाषा में इसे हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) कहा जाता है। इसके बढ़ने से शरीर के जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमा हो जाते हैं, जिससे गाउट (Gout) और तेज दर्द, सूजन जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है। खासतौर पर कुछ आसान एक्सरसाइज करने से सिर्फ 3 महीने में असर दिखने लगता है। आइए जानते हैं वो 3 एक्सरसाइज जो यूरिक एसिड कम करने में मददगार हैं।

1. चलना (Walking)
यूरिक एसिड नियंत्रित करने का सबसे सरल और सुरक्षित तरीका है रोजाना 30 मिनट तेज चाल से चलना। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, किडनी की कार्यप्रणाली एक्टिव रहती है और शरीर से यूरिक एसिड पेशाब के जरिए बाहर निकलता है। वॉकिंग से मोटापा भी नियंत्रित होता है, जिससे यूरिक एसिड का स्तर प्राकृतिक रूप से कम होने लगता है।
2. स्विमिंग (Swimming)
गाउट और आर्थराइटिस के रोगियों के लिए स्विमिंग और वॉटर एरोबिक्स बेहतरीन एक्सरसाइज हैं। पानी में शरीर का भार हल्का हो जाता है, जिससे जोड़ों पर दबाव कम पड़ता है। स्विमिंग से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, दिल की सेहत बेहतर होती है और किडनी का कामकाज सुधरता है। इससे शरीर यूरिक एसिड को अधिक प्रभावी ढंग से बाहर निकाल पाता है।
3. योग (Yoga)
योग शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद है। विशेषकर भुजंगासन (Cobra Pose) और अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Spinal Twist) जैसे आसन ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाते हैं और किडनी की कार्यक्षमता को सुधारते हैं। इससे शरीर का डिटॉक्स सिस्टम बेहतर होता है और यूरिक एसिड का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। हफ्ते में 3-4 बार 20-30 मिनट योग करने से 3 महीने में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
खानपान में सुधार ज़रूरी
केवल एक्सरसाइज ही नहीं, डाइट में बदलाव भी ज़रूरी है।
- रेड मीट, ऑर्गन मीट, शेलफिश और तैलीय मछली से परहेज़ करें।
- अंडे, कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, फलियां और पादप-आधारित प्रोटीन को डाइट में शामिल करें।
- ताजे फल और हरी सब्जियां खाने से यूरिक एसिड कंट्रोल में रहता है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी उपचार को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
