Rupee vs Dollar Today: डॉलर के मुकाबले 7 पैसे मजबूत हुआ रुपया, 95.19 पर पहुंचा; जानिए वजह
Rupee vs Dollar Today: भारतीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को रुपये में हल्की मजबूती देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में 7 पैसे मजबूत होकर 95.19 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

रुपये की इस बढ़त को कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से समर्थन मिला। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और एशियाई बाजारों में कमजोरी ने रुपये की तेजी को सीमित रखा।
डॉलर में गिरावट से रुपये को मिला समर्थन
विदेशी मुद्रा बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान डॉलर इंडेक्स 0.27 प्रतिशत गिरकर 101.75 पर आ गया। डॉलर में कमजोरी का फायदा भारतीय रुपये समेत अन्य वैश्विक मुद्राओं को मिला। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने भी रुपये को मजबूती दी। निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े फैसलों पर बनी हुई है।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
हालांकि रुपये की मजबूती के बीच कच्चे तेल की कीमतें एक चुनौती बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 116.09 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से देश का आयात बिल बढ़ सकता है और डॉलर की मांग में इजाफा हो सकता है। इसका सीधा दबाव रुपये पर पड़ता है।
रुपये की मजबूती का आम लोगों पर असर
डॉलर के मुकाबले रुपये के मजबूत होने का असर कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
विदेश यात्रा और पढ़ाई होगी थोड़ी सस्ती
जो लोग विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं या विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें डॉलर खरीदने के लिए पहले की तुलना में कम रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
आयातित सामान की लागत घट सकती है
रुपये की मजबूती से कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और अन्य आयातित सामान की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि इसका प्रभाव बाजार में तुरंत दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है।
निर्यात कंपनियों पर दबाव
रुपये की मजबूती का असर निर्यात करने वाली भारतीय कंपनियों पर पड़ सकता है। डॉलर में मिलने वाली कमाई को रुपये में बदलने पर उन्हें पहले की तुलना में कम राशि मिल सकती है।
आगे रुपये की चाल किन बातों पर निर्भर करेगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में रुपये की दिशा कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करेगी।
- अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी
- कच्चे तेल की कीमतें
- विदेशी निवेशकों का रुख
- भारतीय अर्थव्यवस्था के आंकड़े
- वैश्विक बाजारों की स्थिति
अगर डॉलर में कमजोरी बनी रहती है और कच्चे तेल की कीमतों में राहत मिलती है, तो रुपये को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
निष्कर्ष
भारतीय रुपया शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 7 पैसे मजबूत होकर 95.19 प्रति डॉलर पर पहुंचा। कमजोर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने रुपये को सहारा दिया, जबकि महंगा कच्चा तेल अभी भी चुनौती बना हुआ है। रुपये की मजबूती से विदेश यात्रा, शिक्षा और आयातित सामान पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, लेकिन निर्यात कंपनियों को इसका दबाव झेलना पड़ सकता है।
