Featuredछत्तीसगढ़

Medical Store Closed: आज छत्तीसगढ़ समेत देशभर में बंद रहेंगे मेडिकल स्टोर, जानें क्या है वजह

Medical Store Closed: ऑनलाइन फार्मेसी और दवा बिक्री से जुड़े नियमों के विरोध में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के दवा व्यापारियों ने आज एक दिवसीय मेडिकल स्टोर बंद का ऐलान किया है। यह बंद All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर किया जा रहा है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़, अंबिकापुर और जगदलपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में मेडिकल दुकानों के बंद रहने की संभावना है।

Medical Store Closed


क्यों किया जा रहा है मेडिकल स्टोर बंद?

दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते चलन और नियमों की कमजोर निगरानी के कारण मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उनका आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना उचित सत्यापन के दवाइयां बेच रहे हैं, जिससे गलत दवा सेवन और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं।

AI से फर्जी पर्चियां बनाने का आरोप

व्यापारियों ने दावा किया है कि अब आर्टिफिशियल Intelligence (AI) की मदद से नकली मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन तैयार किए जा रहे हैं। इन फर्जी पर्चियों के जरिए बिना डॉक्टर की वास्तविक सलाह के दवाइयां खरीदी जा रही हैं। इससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि दवा किस चिकित्सक ने लिखी और मरीज को वास्तव में इसकी आवश्यकता थी या नहीं।

बिना जांच के बिक रही संवेदनशील दवाइयां

दवा व्यापारियों के अनुसार, कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एंटीबायोटिक्स, साइकोट्रॉपिक दवाएं, ओपिऑइड्स और शेड्यूल H, H1 तथा X श्रेणी की दवाएं भी बिना पर्याप्त सत्यापन के उपलब्ध करा रहे हैं। इससे युवाओं में नशे की लत बढ़ने और दवाओं के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।

AMR को बताया बड़ा जनस्वास्थ्य संकट

व्यापारियों ने चेतावनी दी कि एंटीबायोटिक्स की अनियंत्रित बिक्री से Antimicrobial Resistance (AMR) तेजी से बढ़ रहा है। यह भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकता है, क्योंकि संक्रमणों का इलाज करना कठिन होता जाएगा।

“यह सिर्फ व्यापार नहीं, मरीजों की सुरक्षा का सवाल”

छत्तीसगढ़ के दवा व्यापारियों का कहना है कि यह केवल कारोबार का मुद्दा नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा, स्वास्थ्य नैतिकता और फार्मासिस्ट की पेशेवर जिम्मेदारी से जुड़ा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन फार्मेसी मॉडल में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की भूमिका कमजोर हो रही है।

किन नियमों पर जताई आपत्ति?

व्यापारियों ने GSR 817(E) और GSR 220(E) जैसी अधिसूचनाओं के कथित दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इन नियमों की खामियों का लाभ उठाकर अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में क्या रहेगा असर?

20 मई को रायपुर सहित प्रदेशभर में अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं। हालांकि, कई स्थानों पर आपातकालीन सेवाओं के लिए कुछ चुनिंदा दवा दुकानें खुली रह सकती हैं। आम लोगों को सलाह दी गई है कि आवश्यक दवाइयां पहले से खरीदकर रखें।

सरकार से की गई प्रमुख मांगें

  • ऑनलाइन फार्मेसी के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं
  • दवा बिक्री से पहले प्रिस्क्रिप्शन का अनिवार्य सत्यापन हो
  • AI आधारित फर्जी पर्चियों पर रोक लगे
  • मरीजों की सुरक्षा और फार्मासिस्ट की भूमिका सुनिश्चित की जाए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *