Gupt Navratri 2026: कल से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, जानें घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और देवी साधना का महत्व
Gupt Navratri 2026: शक्ति साधना का पावन पर्व आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई 2026, बुधवार से प्रारंभ हो रहा है। यह पर्व विशेष रूप से दस महाविद्याओं और मां दुर्गा की गुप्त साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दौरान विधि-विधान से पूजा करने पर साधक को देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

Gupt Navratri 2026 घटस्थापना शुभ मुहूर्त
- गुप्त नवरात्रि प्रारंभ: 15 जुलाई 2026
- समापन (पारण): 23 जुलाई 2026
- घटस्थापना शुभ मुहूर्त: सुबह 05:33 बजे से 10:09 बजे तक
- अष्टमी: 22 जुलाई 2026
- नवमी: 23 जुलाई 2026
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गुप्त नवरात्रि पूजा विधि
गुप्त नवरात्रि के पहले दिन स्नान कर स्वच्छ एवं लाल या पीले वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें।
कलश में रखें:
- शुद्ध जल
- सुपारी
- सिक्का
- पंचरत्न
- आम के पत्ते
इसके ऊपर लाल वस्त्र में लिपटा नारियल स्थापित करें। पास में मिट्टी के पात्र में जौ या गेहूं बोएं। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर धूप, दीप, पुष्प, फल, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करें। नवरात्रि के नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती का पाठ और दस महाविद्याओं की साधना करना शुभ माना जाता है।
गुप्त नवरात्रि का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि में की गई साधना से:
- मां दुर्गा और दस महाविद्याओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- शत्रु एवं बाधाएं दूर होती हैं।
- धन-धान्य और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
- कुंडली के कई दोष शांत होते हैं।
- मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं पंचांग पर आधारित है। विभिन्न परंपराओं में पूजा-विधि एवं मुहूर्त में अंतर संभव है।
