Facebook Verified Launch: अब असली और नकली अकाउंट की होगी आसान पहचान, Meta ला रहा फ्री वेरिफिकेशन बैज
Facebook Verified: सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच Meta ने यूजर्स की सुरक्षा और भरोसा बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ‘Facebook Verified’ नाम से एक नया फ्री वेरिफिकेशन फीचर लॉन्च करने की घोषणा की है। इस फीचर का उद्देश्य फेसबुक पर असली यूजर्स और AI से बनाए गए या फर्जी अकाउंट्स के बीच स्पष्ट अंतर करना है।

Meta का यह नया फीचर ऐसे समय में आया है जब AI की मदद से तैयार किए गए फोटो, वीडियो और वर्चुअल प्रोफाइल सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहे हैं। कई AI इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल पर्सनैलिटी लाखों फॉलोअर्स हासिल कर रहे हैं, जिससे असली और नकली अकाउंट की पहचान करना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है।
क्या है Facebook Verified?
Meta के मुताबिक, Facebook Verified एक बिल्कुल फ्री वेरिफिकेशन सिस्टम होगा, जिसके तहत यूजर को अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए एक छोटा-सा सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करना होगा। इसके बाद AI आधारित सिस्टम उस वीडियो का मिलान यूजर की प्रोफाइल फोटो से करेगा।
यदि जांच सफल रहती है और अकाउंट Meta की सभी नीतियों का पालन करता है, तो संबंधित यूजर को Verified Badge प्रदान किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो सकती है।
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किन यूजर्स को मिलेगा वेरिफिकेशन बैज?
Meta के अनुसार, इस सुविधा का लाभ उन्हीं यूजर्स को मिलेगा जो:
- 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के हों।
- Meta के कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स का पालन करते हों।
- जिनके अकाउंट पर किसी प्रकार की संदिग्ध या फर्जी गतिविधि दर्ज न हो।
- सफल पहचान सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।
कहां दिखाई देगा नया Verified Badge?
शुरुआत में यह नया बैज Facebook के उन सेक्शन में दिखाई देगा जहां भरोसे की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, जैसे:
- Facebook Marketplace
- Facebook Dating
- Facebook Groups
- User Profile
Meta ने बताया कि भविष्य में इस बैज को Facebook Feed और सामान्य पोस्ट्स पर भी दिखाया जाएगा।
AI कंटेंट बढ़ने से बढ़ी चुनौती
AI तकनीक के कारण अब किसी भी व्यक्ति जैसी दिखने वाली फोटो, वीडियो और प्रोफाइल तैयार करना बेहद आसान हो गया है। कई साइबर अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को धोखा देने, ऑनलाइन ठगी करने और गलत जानकारी फैलाने जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। Meta का मानना है कि नया Facebook Verified Badge यूजर्स को भरोसेमंद प्रोफाइल पहचानने में मदद करेगा और सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट्स की समस्या को काफी हद तक कम करेगा।
Meta Verified और Facebook Verified में क्या अंतर है?
Meta ने पहले से Meta Verified नाम की एक पेड सर्विस शुरू कर रखी है, जिसके लिए यूजर्स को मासिक शुल्क देना पड़ता है। वहीं नया Facebook Verified फीचर पूरी तरह मुफ्त होगा और इसका मुख्य उद्देश्य केवल वास्तविक पहचान की पुष्टि करना है।
हालांकि Meta ने यह भी स्पष्ट किया है कि Verified Badge मिलने का अर्थ किसी व्यक्ति के विचारों या गतिविधियों का समर्थन करना नहीं है। ऐसे सभी अकाउंट्स पर Facebook के Community Standards और अन्य नियम पहले की तरह लागू रहेंगे।
फिलहाल चुनिंदा देशों में होगी शुरुआत
Meta फिलहाल इस फीचर को चरणबद्ध तरीके से कुछ चुनिंदा देशों में रोलआउट कर रही है। सफल परीक्षण के बाद इसे अन्य देशों में भी उपलब्ध कराया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह फीचर सोशल मीडिया पर भरोसे और सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
