Diesel Export Duty Cut: भारत ने डीजल और जेट ईंधन पर घटाया निर्यात शुल्क, तेल कंपनियों को बड़ी राहत
Diesel Export Duty Cut: केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को राहत देते हुए डीजल और विमान ईंधन (ATF) पर निर्यात शुल्क में बड़ी कटौती की है। नई अधिसूचना के अनुसार, डीजल और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगने वाला टैक्स कम कर दिया गया है, जबकि घरेलू पेट्रोल-डीजल पर किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

डीजल और ATF पर कितना घटा शुल्क?
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक:
- डीजल पर निर्यात शुल्क: 55.5 रुपये से घटाकर 23 रुपये प्रति लीटर
- जेट ईंधन (ATF) पर शुल्क: 42 रुपये से घटाकर 33 रुपये प्रति लीटर
इस फैसले से खासतौर पर रिफाइनरी और ऑयल कंपनियों को बड़ा फायदा मिलेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है, हाल के समय में वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता का सामना कर रहा है।
- पश्चिम एशिया में तनाव
- होर्मुज स्ट्रेट पर दबाव
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने निर्यात शुल्क घटाकर तेल कंपनियों को राहत देने का फैसला किया है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रख सकें।
घरेलू ग्राहकों को क्या मिला फायदा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि:
- पेट्रोल और डीजल के घरेलू दामों पर कोई बदलाव नहीं किया गया है
- पिछले करीब 4 साल से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है
इससे आम उपभोक्ताओं पर सीधे तौर पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
वैश्विक बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव, खासकर अमेरिका-इजरायल संघर्ष और तेल सप्लाई रूट्स पर दबाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। ऐसे में भारत सरकार का यह कदम तेल कंपनियों को राहत देने और निर्यात को संतुलित रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
डीजल और जेट ईंधन पर निर्यात शुल्क में कटौती से तेल कंपनियों को बड़ा फायदा मिलेगा और भारत की ऊर्जा नीति को मजबूती मिलेगी। हालांकि, आम जनता के लिए फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
