Chhattisgarh Road Project: छत्तीसगढ़ में बनेंगे 4 नए बायपास और फ्लाईओवर, ₹15 हजार करोड़ की सड़क-पुल योजना को मंजूरी
Chhattisgarh Road Project: छत्तीसगढ़ के सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य में सड़क, पुल-पुलिया निर्माण से जुड़ी ₹15,000 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने बुधवार को प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।

इस योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख मार्गों को फोर-लेन में बदलने के साथ कई शहरों में सड़क चौड़ीकरण, बायपास और फ्लाईओवर से जुड़े काम किए जाएंगे। इससे यातायात व्यवस्था और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में किन प्रमुख सड़कों को फोर-लेन किया जाएगा?
₹15 हजार करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना में प्रदेश के कई महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्गों को फोर-लेन करने का प्रस्ताव शामिल है।
इनमें प्रमुख रूप से:
- धमतरी-जगदलपुर मार्ग
- बिलासपुर-अकलतरा-रायगढ़ मार्ग
- रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ मार्ग
- गीदम-जगदलपुर-ओडिशा सीमा मार्ग
शामिल हैं। इन मार्गों के चौड़ीकरण और फोर-लेन होने से प्रमुख शहरों और क्षेत्रों के बीच आवागमन के साथ माल परिवहन को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें: SBI Cash Withdrawal Charges: SBI ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 1 अक्टूबर से कैश
रायपुर में बनेंगे 4 नए बायपास
राजधानी रायपुर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए चार नए बायपास सड़कों की योजना पर काम किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री के मुताबिक, इनमें प्रत्येक प्रमुख बायपास के लिए करीब ₹100 करोड़ की लागत का प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है।
प्रस्तावित बायपास में शामिल हैं:
1. मोवा से सेरीखेड़ी बायपास
मोवा से सेरीखेड़ी तक करीब 7 किलोमीटर लंबी बायपास सड़क प्रस्तावित है।
2. लाभांडी से सड्डू-कचना बायपास
लाभांडी से सड्डू-कचना क्षेत्र को जोड़ने वाले बायपास से इस इलाके में यातायात दबाव कम करने की योजना है।
3. चंदनीडीह से महादेव घाट बायपास
चंदनीडीह से सरोना होते हुए महादेव घाट तक बायपास सड़क बनाने का प्रस्ताव है।
4. कमल विहार से अभनपुर रोड बायपास
कमल विहार यानी कौशल्या माता विहार से अभनपुर रोड की ओर बायपास सड़क प्रस्तावित है।
बिलासपुर रोड पर बनेगा फ्लाईओवर
रायपुर में बायपास योजनाओं के साथ बिलासपुर रोड स्थित बंजारी माता मंदिर के पास फ्लाईओवर बनाने की योजना भी शामिल है। इस फ्लाईओवर का उद्देश्य व्यस्त मार्ग पर यातायात को सुचारू करना और वाहनों की आवाजाही में लगने वाले समय को कम करना है।
अभनपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और कबीरधाम में भी काम
योजना के तहत केवल रायपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण शहरों में भी सड़क चौड़ीकरण और कनेक्टिविटी से जुड़े कार्य किए जाएंगे। अभनपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और कबीरधाम जैसे क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न निर्माण और चौड़ीकरण कार्य प्रस्तावित हैं।
बस्तर में कनेक्टिविटी पर विशेष जोर
सड़क और पुल-पुलिया निर्माण योजना में बस्तर अंचल को भी प्राथमिकता दी गई है। सामरिक और ढांचागत दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर विभिन्न स्थानों पर नए पुलों के साथ नारायणपुर, बीजापुर, कोंडागांव और दंतेवाड़ा में सड़क एवं कनेक्टिविटी सुधार के कार्य किए जा रहे हैं।
दिसंबर 2023 से अब तक ₹12,666 करोड़ के काम मंजूर
लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुसार दिसंबर 2023 से अब तक विभाग में ₹12,666 करोड़ के 1,572 कार्यों को मंजूरी दी गई है।
इन स्वीकृत कार्यों में:
- 7,398 किलोमीटर सड़क
- 247 पुल
- 42 भवन
शामिल हैं। वर्तमान में करीब 6,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य जारी है।
200 पुल और 252 सरकारी भवन पूरे
सरकार के अनुसार इस अवधि में सड़क और पुल निर्माण के साथ भवन निर्माण में भी काम हुआ है। अब तक 200 पुल और 252 शासकीय भवनों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। विभागीय प्रशासन को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। इस अवधि में 530 कर्मचारियों की पदोन्नति, 27 अनुकंपा नियुक्तियां और 83 उपअभियंताओं की भर्ती की प्रक्रिया पूरी की गई है।
जल्द लागू होगी ‘वमिस’ प्रणाली
लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ प्रणाली लागू करने की तैयारी है। इस प्रणाली का उद्देश्य विभागीय कार्यों की निगरानी और प्रक्रिया को अधिक सरल एवं तकनीक आधारित बनाना है। इससे सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन का नोडल विभाग बना PWD
लोक निर्माण विभाग को मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन का नोडल विभाग भी बनाया गया है। इससे राज्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बीच बेहतर समन्वय और विकास कार्यों में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है।
₹15 हजार करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना और रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में प्रस्तावित बायपास, फ्लाईओवर और फोर-लेन परियोजनाओं से आने वाले समय में राज्य के रोड नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलने की उम्मीद है।
