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NCERT की नई 9वीं की किताब में बदला न्यायपालिका वाला अध्याय, सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति के बाद अब क्या लिखा गया?

NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत कक्षा 9 की नई पॉलिटिकल साइंस की किताब जारी कर दी है। इस नई पुस्तक में न्यायपालिका (Judiciary) को “निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था” के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है और संविधान की भावना को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

NCERT की नई 9वीं की किताब में बदला न्यायपालिका वाला अध्याय

यह बदलाव उस समय चर्चा में आया है जब कुछ महीने पहले कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े विवादित अंशों पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी।

क्या था पूरा मामला?

कक्षा 8 की पुरानी सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे—

  • भ्रष्टाचार
  • लंबित मामलों का बढ़ता बोझ
  • न्याय व्यवस्था पर लोगों का घटता भरोसा

जैसे विषयों का उल्लेख किया गया था।

इन अंशों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि पुस्तक में न्यायपालिका के बारे में आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हटाई गई थी किताब

सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए—

  • पुस्तक के संबंधित अध्याय के प्रकाशन पर रोक लगाई।
  • फिजिकल और डिजिटल दोनों संस्करण हटाने के निर्देश दिए।
  • पहले से वितरित प्रतियां वापस मंगवाई गईं।
  • NCERT को बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी।

इसके बाद परिषद ने संबंधित अध्याय को वापस लेकर संशोधन प्रक्रिया शुरू की।

नई NCERT पुस्तक में क्या बदला?

अब कक्षा 9 की नई पॉलिटिकल साइंस पुस्तक में न्यायपालिका को लोकतंत्र की मजबूत और स्वतंत्र संस्था बताया गया है।

पुस्तक के अनुसार—

  • न्यायपालिका नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है।
  • संविधान की सर्वोच्चता बनाए रखती है।
  • कार्यपालिका और विधायिका से स्वतंत्र होकर कार्य करती है।
  • असंवैधानिक कानूनों को निरस्त करने की शक्ति रखती है।
  • जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से आम नागरिकों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Separation of Powers पर विशेष जोर

नई पुस्तक में Power Separation (शक्तियों का पृथक्करण) के सिद्धांत को भी विस्तार से समझाया गया है।

इसमें बताया गया है कि—

  • विधायिका कानून बनाती है।
  • कार्यपालिका उनका क्रियान्वयन करती है।
  • न्यायपालिका संविधान की रक्षा करते हुए कानूनों की समीक्षा करती है।

यही व्यवस्था भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का आधार मानी जाती है।

NCF के तहत तैयार हुआ नया पाठ्यक्रम

NCERT के अनुसार यह नई पुस्तक National Curriculum Framework (NCF) के अनुरूप तैयार की गई है। अब संविधान, न्याय, स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद जैसे विषयों को एक ही कक्षा में पढ़ाने के बजाय अलग-अलग कक्षाओं में क्रमबद्ध तरीके से शामिल किया जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को विषयों की बेहतर समझ विकसित हो सके।

लोकतांत्रिक मूल्यों पर रहेगा फोकस

नई किताब में यह भी स्पष्ट किया गया है कि न्यायपालिका—

  • लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करती है।
  • समाज के सभी वर्गों को समान न्याय दिलाने का प्रयास करती है।
  • संविधान के मूल सिद्धांतों को बनाए रखने में केंद्रीय भूमिका निभाती है।

निष्कर्ष

सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति के बाद NCERT ने न्यायपालिका से जुड़े अध्याय में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई कक्षा 9 की पुस्तक में न्यायपालिका को संविधान की संरक्षक, स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह बदलाव नई शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को अधिक संतुलित और संवैधानिक दृष्टिकोण देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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