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Apara Ekadashi 2026: अपरा एकादशी का व्रत 12 या 13 मई कब रखा जाएगा? जानें सही तारीख, पूजा विधि और पारण समय

Apara Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अपरा एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

Apara Ekadashi 2026

इस बार अपरा एकादशी की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि एकादशी तिथि 12 और 13 मई दोनों दिन पड़ रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि अपरा एकादशी का व्रत किस दिन रखा जाएगा, पूजा का शुभ समय क्या है और पारण कब किया जाएगा।

अपरा एकादशी 2026 कब है?

ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा के अनुसार,

  • अपरा एकादशी तिथि की शुरुआत 12 मई 2026 को दोपहर 2 बजकर 53 मिनट पर होगी।
  • तिथि का समापन 13 मई 2026 को दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर होगा।

शास्त्रों के नियमों के अनुसार, जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि होती है, उसी दिन व्रत रखा जाता है। इसलिए वर्ष 2026 में अपरा एकादशी का व्रत 13 मई, बुधवार को रखा जाएगा।

अपरा एकादशी 2026 पारण समय

एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है।

  • व्रत पारण का समय: 14 मई 2026 को सुबह 11 बजकर 20 मिनट से पहले।

अपरा एकादशी 2026 तिथि और शुभ समय

विवरणसमय
एकादशी तिथि प्रारंभ12 मई 2026, दोपहर 2:53 बजे
एकादशी तिथि समाप्त13 मई 2026, दोपहर 1:30 बजे
व्रत की तारीख13 मई 2026
पारण का समय14 मई 2026, सुबह 11:20 बजे से पहले

अपरा एकादशी का धार्मिक महत्व

पुराणों में अपरा एकादशी को अत्यंत फलदायी बताया गया है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को ब्रह्म हत्या जैसे गंभीर पापों से भी मुक्ति मिल सकती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,

  • अपरा एकादशी का व्रत करने से पितृ दोष से राहत मिलती है।
  • भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
  • घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
  • मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

अपरा एकादशी पूजा विधि

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  • घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें।
  • व्रत का संकल्प लें।
  • लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
  • भगवान का पंचामृत से अभिषेक करें।
  • पीले फूल, तुलसी दल और माखन-मिश्री अर्पित करें।
  • घी का दीपक जलाकर विष्णु मंत्रों का जाप करें।
  • अपरा एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
  • अंत में भगवान विष्णु की आरती कर प्रसाद बांटें।

व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

  • व्रत के दिन सात्विक भोजन करें।
  • लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन से दूर रहें।
  • क्रोध और विवाद से बचें।
  • जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है।

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