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Anti Paper Leak Bill 2026: विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा से पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल, अब 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माना

Anti Paper Leak Bill 2026: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लाया गया लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक-2026 (Anti Paper Leak Bill 2026) लोकसभा से ध्वनि मत के जरिए पारित हो गया। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच बिल को मंजूरी दी गई। नए कानून के तहत अब पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में अधिकतम 10 वर्ष की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

Anti Paper Leak Bill 2026

बिल पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 30 जुलाई 2026 सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

9 घंटे चली चर्चा, फिर ध्वनि मत से हुआ पारित

लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर मंगलवार को करीब 9 घंटे तक चर्चा हुई। बुधवार को भी बहस और विपक्ष के विरोध के बीच सदन में बिल पर चर्चा जारी रही। अंततः ध्वनि मत के माध्यम से विधेयक को मंजूरी दे दी गई। सरकार का कहना है कि यह कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए लाया गया है।

पेपर लीक पर सख्त होंगे नए कानून

नए विधेयक के अनुसार—

  • पेपर लीक कराने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
  • दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कैद हो सकती है।
  • ₹10 करोड़ तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकेगा।
  • संगठित अपराध और भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले नेटवर्क पर भी सख्ती की जाएगी।

राहुल गांधी के बयान पर सदन में हंगामा

विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। उनके भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई कुछ टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी से माफी की मांग की। स्थिति को संभालने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा और कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

जितेंद्र सिंह ने दिया जवाब

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि संसद में दिए गए कई बयान तथ्यात्मक रूप से गलत थे।

उन्होंने कहा कि—

  • पेपर लीक के आंकड़ों पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
  • सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू की है।
  • मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों की संख्या बढ़ाई गई है।
  • बिना तथ्यों के आरोप लगाना जिम्मेदार विपक्ष का व्यवहार नहीं है।

सरकार का दावा

सरकार का कहना है कि Anti Paper Leak Bill 2026 का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाना और युवाओं के साथ होने वाले अन्याय को रोकना है। केंद्र सरकार के अनुसार, यह कानून भविष्य में पेपर लीक माफिया और परीक्षा घोटालों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद करेगा।

युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कानून?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस कानून का प्रभावी तरीके से पालन किया गया तो—

  • भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • पेपर लीक गिरोहों पर अंकुश लगेगा।
  • ईमानदार अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत होगा।
  • परीक्षा प्रणाली अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी।

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