Chandra Grahan 2026: सूतक काल शुरू, जानें ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें
Chandra Grahan 2026: साल का पहला Chandra Grahan 2026 आज लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को संवेदनशील और प्रभावशाली काल माना जाता है। मान्यता है कि इसका असर व्यक्ति के मन, स्वास्थ्य और पारिवारिक वातावरण पर पड़ सकता है। ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा और इसका सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हो चुका है, जो शाम 6:46 बजे ग्रहण समाप्ति के साथ खत्म होगा। धार्मिक ग्रंथों में इस अवधि को साधना, संयम और सावधानी का समय बताया गया है।

सूतक काल में क्या करें?
- मंत्र जाप, स्तोत्र पाठ और ध्यान करें।
- ईश्वर का स्मरण और भजन-कीर्तन करना शुभ माना जाता है।
- दूध, दही, अचार जैसी खाद्य वस्तुओं में पहले से कुशा रख देने की परंपरा है।
- बच्चों, वृद्धों, रोगियों और गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन या दवा लेने में कोई दोष नहीं माना गया है।
सूतक काल में क्या न करें?
- नए और शुभ कार्यों की शुरुआत न करें।
- मंदिरों के कपाट बंद रखें और मूर्तियों को स्पर्श न करें।
- बाल और नाखून कटवाने से बचें।
ग्रहण काल में क्या करें?
- मंत्र जाप और ध्यान करें।
- हवन-कीर्तन करना शुभ माना गया है।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें।
- संकल्प अनुसार दान करें।
ग्रहण काल में क्या न करें?
- भोजन पकाना और खाना वर्जित माना जाता है।
- तेल मालिश, सोना और नुकीली वस्तुओं (चाकू, कैंची, सुई) का उपयोग न करें।
- झगड़ा, विवाद और नकारात्मक विचारों से दूरी रखें।
- गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
ग्रहण के बाद क्या करें?
धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर चावल, चीनी, कपड़े या जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है। इससे ग्रहण के संभावित नकारात्मक प्रभाव कम होने की मान्यता है।
निष्कर्ष
Chandra Grahan 2026 और सूतक काल को धर्मग्रंथों में विशेष महत्व दिया गया है। ऐसे में घर-परिवार की सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए इन नियमों का पालन करना लाभकारी माना जाता है। संयम और सतर्कता के साथ इस समय को आध्यात्मिक साधना में लगाना शुभ फलदायी हो सकता है।
