SIM Binding: 1 मार्च से लागू होगा SIM Binding नियम, WhatsApp और Telegram यूजर्स पर पड़ेगा असर
SIM Binding: देशभर में 1 मार्च से SIM Binding Rule लागू होने जा रहा है। केंद्र सरकार के इस फैसले का सीधा असर मैसेजिंग ऐप्स पर पड़ सकता है, खासकर WhatsApp, Telegram और Signal जैसे OTT प्लेटफॉर्म पर। दूरसंचार विभाग (DoT) ने साफ किया है कि सभी मैसेजिंग ऐप्स को यूजर अकाउंट को एक्टिव सिम कार्ड से जोड़ना अनिवार्य होगा। इसमें फिलहाल किसी तरह की ढील देने का संकेत नहीं है।

क्या है SIM Binding Rule?
SIM Binding नियम के तहत मैसेजिंग ऐप का अकाउंट उसी फोन और उसी सक्रिय सिम से जुड़ा होना चाहिए, जिससे वह रजिस्टर किया गया है।
- यदि डिवाइस में वह सिम मौजूद नहीं है, तो ऐप का उपयोग सीमित या बंद हो सकता है।
- बार-बार सिम बदलने वाले यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं।
- WhatsApp Web जैसे फीचर्स में बार-बार वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है।
WhatsApp यूजर्स पर क्या असर?
भारत में WhatsApp के करोड़ों यूजर्स हैं, जो एक ही नंबर को कई डिवाइस पर इस्तेमाल करते हैं।
संभावित बदलाव:
- Linked Device फीचर पर सख्ती
- WhatsApp Web हर 6 घंटे में ऑटो लॉगआउट हो सकता है
- QR कोड बार-बार स्कैन करना पड़ सकता है
- अगर फोन से सिम निकाली गई, तो WhatsApp बंद हो सकता है
मौजूदा समय में Linked Device 14 दिन तक एक्टिव रहता है, लेकिन नियम लागू होने के बाद यह अवधि कम हो सकती है।
छोटे कारोबार पर असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक 60–80% छोटे बिजनेस, जो WhatsApp Business के जरिए काम करते हैं, उन्हें ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऑर्डर मैनेजमेंट, कस्टमर सपोर्ट और डिजिटल पेमेंट जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
सरकार का तर्क: डिजिटल फ्रॉड पर लगाम
केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia के बयान के अनुसार, सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों में फिलहाल बदलाव का कोई इरादा नहीं है।
सरकार का मानना है कि:
- फर्जी सिम के जरिए होने वाले साइबर क्राइम कम होंगे
- ऑनलाइन ठगी और फेक प्रोफाइल पर लगाम लगेगी
- जांच एजेंसियों को अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी
टेक कंपनियों की चिंता
कुछ अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनियों और इंडस्ट्री ग्रुप्स ने इस नियम पर चिंता जताई है।
- इसे प्राइवेसी से जोड़कर देखा जा रहा है
- कुछ कंपनियों का दावा है कि यह नियम कानूनी दायरे से बाहर हो सकता है
हालांकि सरकार का रुख साफ है कि 1 मार्च की डेडलाइन पर सख्ती से अमल होगा।
सिर्फ WhatsApp नहीं, सभी OTT ऐप्स प्रभावित
यह नियम केवल WhatsApp तक सीमित नहीं रहेगा। Telegram, Signal और अन्य मैसेजिंग ऐप्स भी इसके दायरे में आएंगे। यानि 1 मार्च के बाद देश में डिजिटल कम्युनिकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
