Chhattisgarh Cyclist: सुरेश दुआ ने 5 दिनों में रचा इतिहास, सुपर रैंडोन्यूर बने छत्तीसगढ़ के पहले साइकिलिस्ट
Chhattisgarh Cyclist: छत्तीसगढ़ के जाने-माने साइकिलिस्ट सुरेश दुआ ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए इतिहास रच दिया है। सुरेश दुआ ने मात्र 5 दिनों में प्रतिष्ठित सुपर रैंडोन्यूर (Super Randonneur – SR) का खिताब हासिल कर लिया है। वे छत्तीसगढ़ के पहले साइकिलिस्ट बन गए हैं, जिन्होंने यह अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि लगातार पाँच दिनों में पूरी की।

5 दिनों में 1500 किमी से ज्यादा की चुनौती
7 फरवरी से 11 फरवरी के बीच सुरेश दुआ ने 600 किमी, 200 किमी, 300 किमी और 400 किमी की लंबी दूरी की ब्रेवेट रैंडोन्यूर मॉन्डो (BRM) राइड्स को सफलतापूर्वक पूरा किया। इन ब्रेवेट्स का आयोजन रायपुर रैंडोन्यूर क्लब द्वारा किया गया था।
क्या है सुपर रैंडोन्यूर खिताब?
रैंडोन्यूर क्लब के आयोजक दीपांशु जैन के अनुसार, सुपर रैंडोन्यूर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित साइकिलिंग खिताब है, जिसे फ्रांस स्थित Audax Club Parisien द्वारा प्रदान किया जाता है यह खिताब एक कैलेंडर वर्ष (1 जनवरी से 31 दिसंबर) के भीतर 200 किमी, 300 किमी, 400 किमी और 600 किमी की BRM श्रृंखला निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने पर दिया जाता है।
निर्धारित समय-सीमा:
- 200 किमी – 13.5 घंटे
- 300 किमी – 20 घंटे
- 400 किमी – 27 घंटे
- 600 किमी – 40 घंटे
सुरेश दुआ का रिकॉर्ड प्रदर्शन
आयोजकों के अनुसार सुरेश दुआ ने सभी राइड्स तय समय से काफी पहले पूरी कीं—
- 600 किमी – 26 घंटे 33 मिनट (7 फरवरी)
- 200 किमी – 8 घंटे 58 मिनट (9 फरवरी)
- 300 किमी – 13 घंटे 45 मिनट (10 फरवरी)
- 400 किमी – 17 घंटे 40 मिनट (11 फरवरी)
पहले भी बना चुके हैं रिकॉर्ड
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2025 में सुरेश दुआ ने यही ब्रेवेट श्रृंखला 6 दिनों में पूरी की थी। अब तक वे 12 बार सुपर रैंडोन्यूर का खिताब अपने नाम कर चुके हैं, जो उनकी निरंतर मेहनत और फिटनेस का प्रमाण है। वर्तमान में सुरेश दुआ एनआईटी रायपुर में कार्यरत हैं और टूर दे रायपुर साइकिलिंग क्लब के सक्रिय सदस्य हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल रायपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के साइकिलिंग समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
