NSG में ग्रुप कमांडर बने IPS जितेंद्र शुक्ला, केंद्र सरकार ने जारी किया आदेश
रायपुर: छत्तीसगढ़ कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में ग्रुप कमांडर नियुक्त किया है। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर आईपीएस जितेंद्र शुक्ला को यथाशीघ्र कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।

एनएसजी में ग्रुप कमांडर का पद एसपी स्तर के समकक्ष माना जाता है। यह नियुक्ति केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) के तहत की गई है, जो किसी भी आईपीएस अधिकारी के करियर में एक अहम उपलब्धि मानी जाती है।
कई जिलों में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
आईपीएस जितेंद्र शुक्ला ने छत्तीसगढ़ में अपने सेवाकाल के दौरान सुकमा, महासमुंद, राजनांदगांव और दुर्ग जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा वे नारायणपुर स्थित 16वीं बटालियन और कवर्धा बटालियन के कमांडेंट भी रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार, उन्हें जनवरी में सेलेक्शन ग्रेड मिलने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उन्हें एनएसजी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई।
कौन हैं IPS जितेंद्र शुक्ला?
- नाम: जितेंद्र शुक्ला
- बैच: IPS 2013
- कैडर: छत्तीसगढ़
- जन्म: 22 सितंबर 1983
- निवासी: इलाहाबाद (प्रयागराज), उत्तर प्रदेश
- UPSC रैंक: 243
जितेंद्र शुक्ला ने इलाहाबाद के राजकीय इंटर कॉलेज से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीए और फिर भूगोल में एमए किया। यूपीएससी में उन्होंने हिंदी साहित्य और भूगोल को ऑप्शनल विषय के रूप में चुना था।
6 साल की मेहनत के बाद मिली UPSC में सफलता
आईपीएस जितेंद्र शुक्ला की सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। शुरुआती प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।
- पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं हुआ
- 2009 और 2010 में असफल रहे
- 2011 में ब्रेक लिया
- 2012 में UPSC क्लियर कर 243वीं रैंक हासिल की
इसके अलावा वे UPPSC के जरिए ट्रेजरी ऑफिसर पद के लिए भी चयनित हुए थे।
पेशेवर करियर और रुचियां
2 सितंबर 2013 को आईपीएस सेवा जॉइन करने के बाद वे बिलासपुर में प्रशिक्षु आईपीएस रहे और कोटा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली। बाद में वे अंबिकापुर में CSP और सुकमा में एडिशनल एसपी भी रहे।
नारायणपुर कमांडेंट रहते हुए उन्होंने मलखंभ खेल को बढ़ावा दिया और इसे राष्ट्रीय पहचान दिलाई। उन्हें क्रिकेट में भी गहरी रुचि है।
छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
आईपीएस जितेंद्र शुक्ला की एनएसजी में ग्रुप कमांडर के रूप में नियुक्ति को छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। यह नियुक्ति राज्य के प्रशासनिक और पुलिस सेवा के स्तर को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती प्रदान करती है।
