Big News: धान खरीदी के बीच बारदाना आग कांड, दो जिलों में लाखों के बोरे जले
Big News: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन शुरू होते ही बारदाना आगजनी की लगातार घटनाओं ने खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांजगीर-चांपा और कवर्धा जिलों में हुई दो बड़ी घटनाओं में लाखों रुपये का बारदाना जलकर राख हो गया। आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन घटनाओं की श्रृंखला ने संदेह को और गहरा कर दिया है। वहीं कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने सरकार पर कड़ा हमला बोला है।

जांजगीर-चांपा: 40 गठान बारदाना जलकर खाक
पहली घटना पामगढ़ थाना क्षेत्र के लगरा सेवा सहकारी समिति की है, जहां धान खरीदी केंद्र के सामने चबूतरे पर रखे नए बारदाने में अचानक आग लग गई। इस हादसे में लगभग 40 गठान बारदाना पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। अनुमान है कि करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बताया गया कि बारदाना को एक दिन पहले ही प्राधिकृत अधिकारी द्वारा खाली कराया गया था। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
विधायक ब्यास कश्यप ने सरकार पर साधा निशाना
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि सरकार ने धान खरीदी की कोई उचित तैयारी नहीं की है।
उन्होंने कहा:
- अधिकारी-कर्मचारी आंदोलन में हैं, ऐसे में खुले में बारदाना छोड़ना लापरवाही है
- आग लगी या लगाई गई – इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए
- धान खरीदी सीजन की शुरुआत में ही ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं
उन्होंने चेतावनी दी कि “यह तो शुरुआत है, आगे और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।”
कवर्धा: 500 धान बोरों में लगी आग
दूसरी घटना पंडरिया क्षेत्र के कुंआमालगी गांव की है, जहां बारदाने में भरे करीब 500 धान बोरे आग की चपेट में आ गए। ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक लगभग 5 लाख रुपये का नुकसान हो चुका था। यहां भी आग लगने का कारण अज्ञात है।
खरीदी सीजन की शुरुआत और बढ़ती आशंकाएं
कृषि विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है। पहले दिन प्रदेश के 195 उपार्जन केंद्रों पर 19,464 क्विंटल धान खरीदा गया। लेकिन खरीदी शुरू होते ही बारदाने में आग की घटनाओं ने प्रशासनिक तैयारी, सुरक्षा और निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं।
